रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने और आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से शुरू हुई इस योजना में लगातार हितग्राहियों की संख्या कम हो रही है। जबकि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना है। मार्च 2024 में पंडरिया विधानसभा के तहत 1 लाख 24 हजार 841 महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया था। लेकिन जून 2025 तक यह संख्या घटकर 1 लाख 23 हजार 925 रह गई। यानी महज 15 महीने में 916 महिलाओं की संख्या घट गई। इसी तरह पूरे राज्य में हर माह हितग्राहियों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है।
महिलाओं को 1000 रुपये मासिक प्रोत्साहन राशि दी जानी है। लेकिन कई बार यह राशि गलत खातों में चली जाती है या समय पर भुगतान नहीं हो पाता। इसके अलावा, विभाग को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर्स से सही जानकारी समय पर नहीं मिल पाने के कारण भी समस्याएं सामने आ रही हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 80 हजार महिलाओं के नाम इस योजना से हटाए जा चुके हैं। इनमें से 47 हजार महिलाएं ऐसी हैं जिनकी मौत हो चुकी थी, बावजूद इसके उनके खातों में भुगतान जारी था। मृत्यु की जानकारी देर से मिलने पर विभाग ने यह कार्रवाई की।
हितग्राहियों की घटती संख्या और बार-बार सामने आ रही तकनीकी व प्रबंधन संबंधी गड़बड़ियों ने योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला हितग्राहियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह योजना अपने मूल उद्देश्य से भटक सकती है।

