बिलासपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, बिलासपुर ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए 29 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह फैसला बैंक की स्टाफ कमेटी की बैठक में लिया गया। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में 1 शाखा प्रबंधक, 4 सहायक लेखापाल, 8 पर्यवेक्षक, 6 लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर और 10 समिति प्रबंधक शामिल हैं। यह कार्रवाई हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद संभव हुई है।
भर्ती घोटाले से शुरू हुआ मामला
मामला वर्ष 2020 में तब सामने आया जब पंकज तिवारी समेत 29 कर्मचारियों ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका (पिटीशन क्रमांक 3346/2020) दायर की। इसके खिलाफ बैंक ने रिट अपील (प्रकरण क्रमांक 307/2025) दर्ज की। हाईकोर्ट ने “प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत” के तहत बैंक को आदेश प्राप्ति की तारीख से विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जांच में साबित हुई अनियमितता
निर्देश के बाद बैंक के सीईओ ने चार वरिष्ठ शाखा प्रबंधकों की एक जांच टीम गठित की। टीम ने तय समय सीमा में सभी 29 कर्मचारियों की व्यक्तिगत सुनवाई की और जांच रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर स्टाफ कमेटी ने सर्वसम्मति से इन्हें सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया।
सुप्रीम कोर्ट में भी नहीं मिली राहत
बर्खास्त कर्मचारियों ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 12 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद बैंक ने भविष्य में किसी भी कानूनी अड़चन से बचने के लिए हाईकोर्ट में केविएट भी दायर कर दी है।

