बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में किसान इन दिनों यूरिया खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि जिस यूरिया की सरकारी दर लगभग ₹277 प्रति बोरी (₹5.50 प्रति किलो) है, वही खाद बिचौलियों के जरिए ₹1000 से ₹1500 प्रति बोरी तक ब्लैक में बेचा जा रहा है।
गंभीर आरोप यह है कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी इस खुलेआम कालाबाजारी पर आंखें मूंदे बैठे हैं। किसानों का कहना है कि बिचौलियों को प्रशासन की अघोषित छूट मिली हुई है।
किसानों की पीड़ा
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समय पर खाद नहीं मिलने से फसल चौपट होने का खतरा।
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किसान मजबूरी में ₹250 प्रति किलो तक यूरिया खरीद रहे हैं।
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उत्पादन में 60 से 70% नुकसान का अंदेशा।
राजनीतिक विडंबना
बलरामपुर जिला वही क्षेत्र है, जहां के विधायक छत्तीसगढ़ सरकार में कृषि मंत्री हैं। इसके बावजूद किसानों को खाद–बीज की कालाबाजारी और महंगाई झेलनी पड़ रही है। किसानों ने आरोप लगाया है कि यह पूरा खेल “सोची-समझी योजना” के तहत चल रहा है और इसकी लूट में विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत है।
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति पर तुरंत काबू नहीं पाया गया तो इस सीजन में फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
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