रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इंसानियत की मिसाल देखने को मिली है। सूरजपुर जिले के भाजपा नेता विशंभर यादव, जो दो साल पहले एक बस हादसे में स्थायी रूप से विकलांग हो गए थे, ने आर्थिक तंगी और इलाज की परेशानी से तंग आकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से इच्छामृत्यु की मांग कर दी थी। यादव का आरोप था कि उनकी ही पार्टी ने हादसे के बाद उन्हें उपेक्षित कर दिया। ऐसे समय में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनकी मदद के लिए सामने आए।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा –
“कल मुझे खबर मिली कि सूरजपुर जिले के भाजपा नेता श्री विशंभर यादव ने इलाज के लिए आर्थिक तंगी के कारण इच्छा मृत्यु की मांग की है। मैंने उनसे और उनकी धर्मपत्नी से फोन पर बात की है। इस संकट की घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं। रायपुर आकर इलाज करवाने का अनुरोध किया है। उनको अच्छा इलाज मिले और वे जल्द स्वस्थ हों, यही हमारा प्रयास है।”
भाजपा नेता विशंभर यादव उस समय पार्टी के मंडल महामंत्री थे और प्रधानमंत्री की सभा में शामिल होने रायपुर आ रहे थे। इसी दौरान बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हुए और स्थायी विकलांगता के शिकार हो गए। भूपेश बघेल का यह कदम अब राजनीति से ऊपर उठकर मानवता की मिसाल माना जा रहा है। एक विपक्षी नेता द्वारा सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता की पीड़ा को समझते हुए आगे आना, राजनीतिक जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

