Share Market Down: लगातार तीन दिनों से जारी तेजी के बाद शुक्रवार, 19 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार दबाव में आ गया। शुरुआती मजबूती के बावजूद बाजार में मुनाफावसूली हावी रही। दोपहर तक सेंसेक्स 380.35 अंक (0.46%) गिरकर 82,633.61 पर और निफ्टी 102.20 अंक (0.40%) टूटकर 25,321.40 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
गिरावट की 5 प्रमुख वजहें
1. मुनाफावसूली का दबाव
तेजी के बाद निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू की। IT, FMCG और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली रही। खासकर TCS, टाइटन, ICICI बैंक, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा और HCL टेक जैसे ब्लूचिप शेयर दबाव में रहे।
2. चाबहार पोर्ट पर अमेरिकी दबाव
अमेरिका ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर दी गई छूट वापस लेने का फैसला किया है। भारत के लिए यह रणनीतिक परियोजना अहम मानी जाती है। यह कदम निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर डाल रहा है।
3. कमजोर ग्लोबल संकेत
एशियाई बाजार लाल निशान में खुले। जापान का निक्केई 225, साउथ कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट फिसले। वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स भी सपाट रहे, जिससे भारतीय बाजार को सपोर्ट नहीं मिला।
4. वोलैटिलिटी इंडेक्स चढ़ा
इंडिया VIX 3.36% उछलकर 10.22 पर पहुंचा। VIX का बढ़ना आम तौर पर बाजार में अनिश्चितता और संभावित गिरावट का संकेत देता है।
5. रुपये की कमजोरी
भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 7 पैसे टूटकर 88.27 पर आ गया। डॉलर की मजबूती और घरेलू इक्विटी की गिरावट ने रुपये को और दबाव में डाला।
विशेषज्ञों की राय
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक निफ्टी अभी 25,400–25,600 के दायरे में है।
-
अगर निफ्टी 25,440 के ऊपर निकलता है तो तेजी 25,600 तक जा सकती है।
-
लेकिन अगर यह 25,292 या 25,280 के नीचे जाता है तो गिरावट और गहरी हो सकती है।
फिलहाल किसी बड़ी गिरावट के संकेत नहीं हैं।

