Big News: छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज एक बार फिर परंपरा और अस्मिता का मुद्दा गूंज उठा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि वर्तमान भाजपा सरकार छत्तीसगढ़िया प्राइड और परंपराओं को खत्म करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस बार सीएम आवास में गोवर्धन पूजा का कोई आयोजन नहीं हुआ, जो यह दर्शाता है कि सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों को नजरअंदाज कर रही है।
बघेल ने कहा — “ना वह विश्व आदिवासी दिवस मनाते हैं, ना छत्तीसगढ़ के त्योहार। आज गोवर्धन पूजा पर भी कोई कार्यक्रम नहीं है। छत्तीसगढ़ के लोगों को पीछे धकेलने का षड्यंत्र चल रहा है।”
पूर्व सीएम ने अपने निवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पर्वत उठाकर समाज को साथ चलने का संदेश दिया था, और आज हमें भी उसी एकजुटता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी, आम जनता — सभी आज निराश हैं और मौजूदा सरकार से परेशान।
भूपेश बघेल ने कहा कि बिजली, राशन और जीएसटी की मार आम लोगों को झेलनी पड़ रही है। “हमने छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना जैसी योजनाएं शुरू कीं, जिससे गोबर खरीदने वाला यह देश का पहला राज्य बना। लेकिन वर्तमान सरकार ने विकास की दिशा को भटका दिया है,” उन्होंने कहा।
राज्योत्सव और संगठन सृजन अभियान पर प्रतिक्रिया
राज्योत्सव पर बोलते हुए बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार के पास जनता को बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है। वहीं कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को लेकर उन्होंने बताया कि दिल्ली में होने वाली बैठक में केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
नक्सलवाद और भ्रष्टाचार पर हमला
नक्सलवाद के मुद्दे पर भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार की “विकास, विश्वास और सुरक्षा” नीति से बस्तर में शांति आई थी। उन्होंने कहा कि “हमने अबूझमाड़ में पट्टा वितरण कर विश्वास जीता, जिससे नक्सलवाद कमजोर हुआ।” भ्रष्टाचार के मामले में उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में गुजरात से आए कुछ लोग बंद कमरों में फैसले लेते हैं, और अधिकारी उन्हीं के निर्देश पर काम करते हैं।

