Raipur News: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नक्सलवाद पर दिए गए बयान के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने बघेल के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है, और बीते 22 महीनों में सुरक्षा बलों ने निर्णायक बढ़त बनाई है।
सीएम साय ने कहा — “जब हमारी सरकार बनी थी, तब छत्तीसगढ़ के करीब 70 प्रतिशत इलाकों में नक्सलवाद फैला हुआ था। अगर कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में केंद्र का पूरा सहयोग किया होता, तो आज बस्तर में नक्सली नहीं बचते।”
साय बोले – जवानों के साहस से नक्सलवाद हुआ कमजोर
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उनकी सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर तेज़ी से काम किया है। उन्होंने कहा कि हमारे जवान लगातार सफलता दर्ज कर रहे हैं, और अब छत्तीसगढ़ नक्सलवाद की समस्या से लगभग मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रजत जयंती वर्ष में पीएम मोदी करेंगे नया विधानसभा भवन लोकार्पित
बगिया गांव से रायपुर लौटते समय मीडिया से चर्चा में सीएम साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस (रजत जयंती वर्ष) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य में आएंगे। इस दौरान वे नए विधानसभा भवन का लोकार्पण और न्यू ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगी।
भूपेश बघेल ने क्या कहा था?
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नक्सलवाद पर बयान देते हुए कहा था कि – “विकास, विश्वास और सुरक्षा योजना हमारी थी। हमने अबूझमाड़ में पट्टा वितरण किया और बस्तर में जनता का विश्वास जीता, जिससे नक्सलवाद घटा।” उन्होंने यह भी कहा था कि – “नक्सलवाद को खत्म करने की कोई डेडलाइन नहीं हो सकती, क्योंकि यह एक जटिल सामाजिक और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।”
साय का पलटवार – कांग्रेस ने सहयोग नहीं किया
भूपेश बघेल के इस बयान पर सीएम साय ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने केंद्र सरकार के साथ तालमेल की कमी रखी, और इसी वजह से नक्सलवाद पर निर्णायक कार्रवाई नहीं हो सकी। साय ने कहा कि भाजपा सरकार ने विश्वास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर काम करते हुए नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा है।

