CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 18 नवंबर 2025 को होगी।
सुप्रीम कोर्ट में भी हुई थी अहम सुनवाई
इससे पहले 31 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में भी चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी।
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सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ में हुई।
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कपिल सिब्बल और एन. हरिहरन ने चैतन्य बघेल की ओर से पैरवी की।
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ASG एस.वी. राजू ने ईडी की ओर से पक्ष रखा।
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सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को 10 दिन के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया था।
जन्मदिन पर हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को उनके भिलाई निवास से गिरफ्तार किया था — वही दिन उनका जन्मदिन भी था। गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई। ईडी की जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराध दर्ज हैं। जांच के मुताबिक, इस घोटाले से प्रदेश को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और करीब ₹2,500 करोड़ की अवैध कमाई (POC) विभिन्न लाभार्थियों तक पहुंचाई गई।
ईडी का दावा — चैतन्य बघेल को मिले 16.70 करोड़ रुपये
ईडी की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये नगद प्राप्त हुए। यह राशि उन्होंने अपनी रियल एस्टेट फर्मों के प्रोजेक्ट्स में लगाई।
रिपोर्ट के अनुसार —
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ठेकेदारों को नकद भुगतान किया गया।
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बैंक ट्रांजैक्शन में नकद के बदले प्रविष्टियाँ की गईं।
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त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर एक वित्तीय योजना (फर्जी निवेश योजना) तैयार की गई।
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“विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फर्जी फ्लैट खरीद के माध्यम से ₹5 करोड़ रुपये प्राप्त किए गए।
बैंकिंग रिकॉर्ड्स से यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित अवधि में त्रिलोक सिंह ढिल्लों के खातों में शराब सिंडिकेट से रकम जमा हुई थी।
मामले में पहले से कई बड़े नाम गिरफ्त में
ईडी ने इस घोटाले में अब तक कई प्रभावशाली लोगों को गिरफ्तार किया है —
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पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा
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अरविंद सिंह
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त्रिलोक सिंह ढिल्लों
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अनवर ढेबर
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आईटीएस अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी
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पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा
ईडी के अनुसार, शराब बिक्री से अवैध वसूली का एक संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जिसकी जांच अभी जारी है।
अगली तारीख
अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 नवंबर 2025 को होगी, जिसमें ईडी का जवाब पेश किया जाएगा और जमानत याचिका पर आगे की दलीलें सुनी जाएंगी।

