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CG Big News: 72 घंटे में अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग, सिंधी-अग्रवाल समाज ने दिया अल्टीमेटम

CG Big News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इन दिनों भारी सामाजिक हलचल का केंद्र बनी हुई है। गुरुवार को अग्रसेन चौक, समता कॉलोनी में सर्व अग्रवाल समाज के बैनर तले विशाल महाआंदोलन आयोजित हुआ, जिसमें सिंधी समाज, सिख समाज, ब्राह्मण समाज, माहेश्वरी समाज, नामदेव समाज, उत्कल समाज सहित करीब 25 से अधिक समाजिक संगठनों ने एकजुट होकर हिस्सा लिया। इस विशाल जनसभा में मंच से एक ही स्वर गूंजा — “72 घंटे में गिरफ्तारी करो, वरना छत्तीसगढ़ बंद!”

गिरफ्तारी की मांग और अल्टीमेटम

सभा में सर्व अग्रवाल समाज के अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल और महामंत्री मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि समाज ने धैर्य रखा, लेकिन अब “अराजकता और असम्मान” की सीमा पार हो चुकी है। “यदि 72 घंटे के भीतर JCP सुप्रीमों अमित बघेल को गिरफ्तार कर उस पर रासुका नहीं लगाई गई, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी होगा। आज हमने सिर्फ ट्रेलर दिखाया है, अब छत्तीसगढ़ बंद तक जाना पड़े तो जाएंगे।” दोनों समाजों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और आस्था के सम्मान का है।

आरोपों को लेकर भड़का समाज

प्रदर्शनकारियों ने अमित बघेल पर छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान, कांसा चोरी, और अराजक वीडियो बनाने के आरोप लगाए हैं। वक्ताओं ने कहा कि यह व्यक्ति प्रदेश की संस्कृति, देवी-देवताओं और श्रद्धा का मज़ाक उड़ा रहा है। सभा में कहा गया — “हम छत्तीसगढ़ महतारी का वंदन करते हैं। जो उसकी मूर्ति को लांघे, उसका समाज में कोई स्थान नहीं। बूढ़ा देव की मूर्ति बनाने के नाम पर कांसा चोरी और गुंडागर्दी का आरोप खुद समाज की भावना को ठेस पहुंचाता है।” कई वक्ताओं ने यह भी कहा कि अमित बघेल के खिलाफ पहले से ही 36 से अधिक प्रकरण लंबित हैं, इसलिए प्रशासन को रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

सिंधी और अग्रवाल समाज की संयुक्त रणनीति

सिंधी और अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार, सिविल लाइन थाना पुलिस को अमित बघेल की गिरफ्तारी के निर्देश भी दिए गए हैं। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार, “अमित बघेल घर पर नहीं मिला” और अब पुलिस ने उसके रिश्तेदारों और परिचितों के ठिकानों पर दबिश बढ़ा दी है।

सोशल मीडिया पर वीडियो से बिगड़ा माहौल

इस पूरे विवाद को हवा देने में सोशल मीडिया का बड़ा रोल बताया जा रहा है। सिंधी समाज के एक कलाकार और मूर्तिकार विनोद पांडा के “चुनौती भरे वीडियो” से स्थिति और भड़क गई है। राज्य के कई हिस्सों — रायपुर, भिलाई, दुर्ग, कोरबा और रायगढ़ — में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। राज्य की साइबर सेल अब सक्रिय हो चुकी है और कहा जा रहा है कि अराजक या भड़काऊ वीडियो पोस्ट करने वालों पर आईटी एक्ट और अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा सकती है।

जनसभा में गूंजे नारे और भावनाएँ

धरना स्थल पर हजारों लोगों ने तख्तियां और बैनर थामे नारे लगाए —

“छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान बर्दाश्त नहीं!”
“रासुका लगाओ – समाज बचाओ!”

माहौल भावनात्मक और ऊर्जावान था। कई महिलाएँ और युवा भी धरना स्थल पर शामिल हुए। रायपुर महिला मंडल, रायपुर वेलफेयर फाउंडेशन, और कई सामाजिक संस्थाएँ मौके पर मौजूद रहीं।

वक्ताओं की सूची और संगठनों की भागीदारी

सभा को संबोधित करने वालों में प्रमुख रूप से रायगढ़ से राकेश अग्रवाल, डॉ. उदयभान सिंह चौहान, राजकुमार राठी, अमर अग्रवाल (खरसिया), अशोक मोदी (कोरबा), मनमोहन सैलानी (सिख समाज), कृष्ण कुमार अग्रवाल (अग्रवाल सम्मेलन अध्यक्ष), विनय बजाज (श्री श्याम परिवार), श्रीचंद सुंदरानी, अमित चिमनानी, सुभाष बजाज, किशोर आहूजा, अंकित अग्रवाल, अरुना अग्रवाल (मारवाड़ी महिला सम्मेलन) सहित अनेक समाजसेवियों ने भाग लिया।

प्रदेश के विभिन्न शहरों — राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, धमतरी, बसना, पिथौरा, सरायपाली, सारंगढ़, रायगढ़, कोरबा, खरसिया — से समाजिक टीमें इस प्रदर्शन में शामिल हुईं।

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