CG News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आज आयोजित भाजपा यूनिटी मार्च (BJP Unity March) के दौरान पार्टी के दो नेताओं के बीच सार्वजनिक विवाद देखने को मिला। यह विवाद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ फर्स्ट लाइन में चलने को लेकर हुआ, जिसमें भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला और प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस पूरे विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
फर्स्ट लाइन में चलने को लेकर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, तिफरा से जब यूनिटी मार्च की शुरुआत हुई, तब केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के साथ मंच साझा करने और आगे चलने को लेकर विधायक सुशांत शुक्ला और प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे आमने-सामने आ गए।
हर्षिता पांडे केंद्रीय मंत्री के बगल में खड़ी होकर मार्च में चलने लगीं। इस बीच, विधायक सुशांत शुक्ला को जगह नहीं मिली और वे सेकेंड लाइन में पीछे चलने लगे।
कुछ दूर चलने के बाद जब सुशांत शुक्ला ने फिर से फर्स्ट लाइन में आने की कोशिश की, तो हर्षिता पांडे आपा खो बैठीं और दोनों के बीच सरेराह बहस और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
नेताओं के बीच “देख लेने” की चेतावनी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी भी दी।
स्थिति को संभालने के लिए केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक ने बीच-बचाव किया और दोनों को शांत कराया।
पार्टी में बढ़ सकती है अंदरूनी तनातनी
यूनिटी मार्च के दौरान पार्टी नेताओं के बीच खुलेआम हुए इस विवाद ने भाजपा की अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह विवाद आगे सियासी रूप से तूल पकड़ सकता है, क्योंकि यह कार्यक्रम पार्टी की एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

