Fri. Mar 6th, 2026

CG News: छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी पहल की है। विभाग ने 22 राज्य स्तरीय अधिकारियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। ये अधिकारी 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी की निगरानी करेंगे और स्कूलों में जाकर गाइडलाइन के पालन की समीक्षा करेंगे।

इन अधिकारियों को जिलेवार जिम्मेदारी दी गई है, जहां वे स्थानीय शिक्षा अधिकारियों की बैठक लेंगे, स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे और छात्रों की प्रगति का मूल्यांकन करेंगे। सभी अधिकारियों को 20 नवंबर तक निरीक्षण रिपोर्ट लोक शिक्षण संचालनालय में प्रस्तुत करनी होगी।

शिक्षा विभाग की नई कार्ययोजना

शिक्षा विभाग ने इस बार बोर्ड परीक्षा में अच्छे रिजल्ट के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई है —

  • हर माह यूनिट टेस्ट आयोजित किया जाएगा।

  • बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए ब्लूप्रिंट के आधार पर अभ्यास कराया जाएगा।

  • कमजोर छात्रों के लिए मेंटर शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।

  • छात्रों की हैंडराइटिंग, होमवर्क और उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

  • छमाही परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन दूसरे स्कूलों में और वार्षिक परीक्षा का मूल्यांकन दूसरे विकासखंडों में कराया जाएगा।

किस अधिकारी को मिला कौन-सा जिला

  • किशोर कुमार: जगदलपुर, बीजापुर

  • आशुतोष चावरे: बालोद, गरियाबंद

  • राकेश पांडेय: बलरामपुर, जशपुर

  • हेमंत उपाध्याय: सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती

  • आर.एल. ठाकुर: कवर्धा, दुर्ग

  • अशोक नारायण बंजारा: बिलासपुर, रायगढ़

  • बनवारी देवांगन: कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर

  • आनंद सारस्वत: कांकेर

  • राजेश सिंह: सुकमा, नारायणपुर

  • डी.के. कौशिक: दंतेवाड़ा, राजनांदगांव

  • महेश नायक: महासमुंद, रायपुर

  • हरिश्चंद्र दिलावर: मुंगेली

  • अमरदास कुर्रे: धमतरी

  • लवकुमार साहू: बेमेतरा

  • आदित्य पाटनवार: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

  • रामजी पाल: कोरबा

  • सतीश नायर: जांजगीर-चांपा

  • इंदिरा गांधी: बलौदाबाजार

  • बजरंग प्रजापति: केसीजी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी

  • ओमप्रकाश देवांगन: कोण्डागांव

  • प्रकाशचंद्र मिश्र: सूरजपुर

  • अखिलेश तिवारी: अंबिकापुर

लक्ष्य — बेहतर रिजल्ट और अनुशासन

स्कूल शिक्षा विभाग का उद्देश्य न सिर्फ रिजल्ट सुधारना है बल्कि विद्यार्थियों और शिक्षकों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करना है।

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