Railway Safety: यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत करने के लिए रेलवे ने एक अहम कदम उठाया है। अब ट्रेन में कार्यरत सभी कोच अटेंडेंट, ओबीएचएस कर्मचारी, लिनेन स्टाफ और अन्य संविदा कर्मियों का अनिवार्य रूप से दोबारा पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोनल कार्यालयों को नोटिस जारी करते हुए तेजी से सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने और डेटा को CMM पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
यह कदम हाल ही में ट्रेन में पुलिस जवानों से बदसलूकी और मारपीट की घटना के बाद उठाया गया है। रेलवे पहले भी कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अनिवार्य करता था, लेकिन नई परिस्थितियों के चलते इसे दोबारा और सख्ती से लागू किया जा रहा है।
20 नवंबर तक CMM पोर्टल पर सभी डेटा होगा अपडेट
रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि
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ओबीएचएस
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लिनेन वितरक
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कोच अटेंडेंट
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अन्य ऑनबोर्ड संविदा कर्मचारी
सभी का पुलिस सत्यापन जल्द से जल्द पूरा किया जाए और 20 नवंबर तक CMM पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए। इसके साथ ही प्रक्रिया के दौरान बीच-बीच में डेटा अपडेट करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
क्यों जरूरी है दोबारा पुलिस वेरिफिकेशन?
ट्रेनों में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी विभिन्न सेवाएं प्रदान करते हैं। ये कर्मचारी लगातार यात्रियों के बीच काम करते हैं, इसलिए क्राइम प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों द्वारा यात्रियों को नुकसान पहुंचाने की आशंका बनी रहती है। रेलवे ने माना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए बिना पुलिस वेरिफिकेशन किसी भी संविदा कर्मचारी को ट्रेन में काम पर नहीं लगाया जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम
ये नए प्रावधान
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संभावित अपराधों को रोकने
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स्टाफ की पृष्ठभूमि की स्पष्ट जानकारी रखने
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और ऑनबोर्ड सुरक्षा स्तर बढ़ाने
के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। रेलवे बोर्ड का मानना है कि यह कदम यात्रियों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्रदान करेगा।

