Raipur NIT Chaupati Vivad : रायपुर, छत्तीसगढ़। राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान के पास से चौपाटी (फूड कोर्ट) हटाए जाने को लेकर उठा विवाद अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचने वाला है। युवाओं की सुविधा से जुड़े इस मुद्दे पर युवा कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर करोड़ों रुपये की बर्बादी का आरोप लगाते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाने का फैसला किया है। युवा कांग्रेस के नेता आज (शनिवार) प्रधानमंत्री से मिलकर इस पूरे मामले की शिकायत करेंगे।
Raipur NIT Chaupati Vivad : विवाद की शुरुआत: कालिख पोतने पर FIR और थाने का घेराव
इस विवाद की तपिश तब और बढ़ गई जब चौपाटी की जगह पर लगाए गए ‘नालंदा 2’ बोर्ड, जिस पर स्थानीय विधायक राजेश मूणत की तस्वीर थी, उस पर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कालिख पोत दी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने युवा कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
इस FIR के विरोध में, शुक्रवार को पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस और युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरस्वती नगर थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सत्ताधारी दल के दबाव में पुलिस छात्रों और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि शहर में अपराध नियंत्रण से बाहर हैं। लगभग दो घंटे तक चले जोरदार हंगामे के बाद, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई, जिसके बाद गिरफ्तारी टल गई।
कांग्रेस का आरोप: करोड़ों की बर्बादी और दोहरी नीति
थाने के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा और विधायक मूणत पर दोहरी नीति अपनाने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान यह ‘यूथ हब फूड कोर्ट’ छात्रों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के तहत बनाया गया था।
उपाध्याय ने तीखे शब्दों में कहा कि विधायक मूणत और महापौर मीनल चौबे ने अपनी हठधर्मी और राजनीतिक द्वेष के चलते इस सुविधा को अवैध करार देकर बर्बाद कर दिया। उनकी इस कार्रवाई से न केवल करोड़ों रुपए का सरकारी फंड बर्बाद हुआ है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई है और युवाओं को मिली सुविधा भी खत्म हो गई है।
पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित अन्य नेताओं ने मूणत को घेरते हुए सवाल उठाया कि जिस स्काईवॉक के निर्माण का विरोध पूरा शहर कर रहा था, भाजपा सरकार उसे तो करोड़ों खर्च करके पूरा कर रही है, लेकिन युवाओं के यूथ हब को चौपट कर दिया गया। नेताओं ने यह भी सवाल किया कि चौपाटी को जिस आमानाका ब्रिज के पास शिफ्ट किया गया है, वह रेलवे की जगह है और वहां मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दी गई हैं।

