CG Biometric Attendance : रायपुर: प्रशासनिक कार्यकुशलता और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने आज (सोमवार, 1 दिसंबर 2025) से मंत्रालय (महानदी भवन) समेत राज्य के सभी संचालनालयों और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है।
यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में समय की पाबंदी (Punctuality) को कड़ाई से लागू करना और उपस्थिति रिकॉर्ड को पूरी तरह से सुदृढ़ बनाना है।
प्रशासन में बढ़ेगी कार्यकुशलता
इस प्रणाली के लागू होने से अब सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर आने और जाने दोनों समय अपनी उपस्थिति बायोमेट्रिक मशीन पर दर्ज करानी होगी। इस सख्ती का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि:
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समय पर उपस्थिति: कर्मचारी अपने निर्धारित समय पर दफ्तर पहुंचें, जिससे बैठकों और फ़ाइल प्रोसेसिंग में अनावश्यक देरी न हो।
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पारदर्शिता: उपस्थिति रिकॉर्ड में किसी भी तरह की हेराफेरी की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाए, क्योंकि यह प्रणाली सीधे केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ी होगी।
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जवाबदेही: कार्यस्थल पर कर्मचारियों की जवाबदेही (Accountability) सुनिश्चित हो, जिससे सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन समय पर हो सके।
कड़ाई से पालन के निर्देश
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस प्रणाली का पालन करने के लिए सभी संबंधित कार्यालयों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अटेंडेंस में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा, और इससे प्रशासनिक कार्यकुशलता को मजबूत बनाने की दिशा में एक नया अध्याय शुरू होगा। यह कदम सुशासन और ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की ओर बढ़ते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

