Raipur Food Drug Test Lab : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण के क्षेत्र में क्रांति लाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर, राज्य सरकार ने इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला सह एफडीए भवन के निर्माण के लिए 46 करोड़ 49 लाख 45 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह महत्वपूर्ण परियोजना प्रदेश में खाद्य सुरक्षा और दवा गुणवत्ता के ढांचे को अभूतपूर्व मजबूती देगी।
Raipur Food Drug Test Lab : परीक्षण क्षमता में 16 गुना उछाल
यह नया कैंपस नवा रायपुर में डेढ़ एकड़ (1.5 एकड़) भूमि पर स्थापित किया जाएगा। वर्तमान में रायपुर में स्थित प्रयोगशाला लगभग 5 हजार वर्ग फीट में संचालित हो रही है, लेकिन प्रस्तावित नवीन प्रयोगशाला 30 हजार वर्ग फीट क्षेत्र (भूतल, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तल) में निर्मित होगी और अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित होगी।
इस विस्तार से राज्य की परीक्षण क्षमता में भारी इजाफा होगा, जिसका सीधा लाभ जनता को शुद्ध और प्रमाणित उत्पाद मिलने के रूप में होगा:
रासायनिक परीक्षण (Chemical Tests): वर्तमान क्षमता (500-800 नमूने प्रतिवर्ष) से बढ़कर 7,000-8,000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएगी।
माइक्रोबायोलॉजिकल परीक्षण (Microbiological Tests): इंजेक्शन, आई ड्रॉप आदि की जाँच अब 2,000 नमूने प्रतिवर्ष हो सकेगी।
फार्मास्यूटिकल्स नमूने: इनकी जाँच क्षमता 50 नमूने प्रतिवर्ष से बढ़कर 1,000 नमूने प्रतिवर्ष हो जाएगी।
मेडिकल डिवाइसेस की जाँच: हाथ के दस्ताने, कैथेटर आदि मेडिकल डिवाइसेस, जिनकी जाँच वर्तमान में नहीं हो रही थी, उनके 500 नमूने प्रतिवर्ष लिए जा सकेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने जताया आभार
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला न केवल राज्य के लिए एक आदर्श प्रयोगशाला के रूप में विकसित होगी, बल्कि जाँच प्रक्रिया को अधिक आसान, पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि सरकार जनता को शुद्ध, प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद और दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

