CG Zamin Guideline Vivad : रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन खरीदी-बिक्री की कलेक्टर गाइडलाइन दरों में अंधाधुंध बढ़ोतरी को लेकर अब सत्ताधारी दल (BJP) के भीतर से ही विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं। रायपुर लोकसभा सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने इस निर्णय को “जनता पर 99% बोझ” बताते हुए तीखा हमला बोला है।
CG Zamin Guideline Vivad : उन्होंने इस ‘जनविरोधी’ और ‘आर्थिक अन्याय’ वाले फैसले पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक कड़ा पत्र लिखा है।
800% तक बढ़ी दरें, सांसद ने उठाए सवाल
सांसद अग्रवाल ने पत्र में बताया कि कुछ क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों को 100% से लेकर चौंकाने वाले 800% तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने उदाहरण दिया कि लाभांडी और निमोरा जैसे गाँवों में यह बढ़ोतरी 725% और 888% तक पहुंच गई है, जबकि जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य या विकास (Development) में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है।
जन-परामर्श की अनदेखी: सांसद ने आरोप लगाया कि दरों में बढ़ोतरी से पहले जनता या रियल एस्टेट विशेषज्ञों से कोई सलाह नहीं ली गई, जो लोकतंत्र में पारदर्शिता के विपरीत है।
ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी बनाना: उन्होंने नया रायपुर के आसपास के ग्रामीण इलाकों को अचानक शहरी क्षेत्र घोषित करने पर भी आपत्ति जताई, जिससे वहां के निवासियों पर अनावश्यक टैक्स का बोझ पड़ेगा।
ईज ऑफ लिविंग’ के खिलाफ: अग्रवाल ने कहा कि यह निर्णय किसान, मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारी और रियल एस्टेट जैसे सभी वर्गों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के सिद्धांतों के खिलाफ है।
जनता पर 99% आर्थिक बोझ का तर्क
सरकार का तर्क है कि नई दरों से किसानों को भूमि अधिग्रहण में ज्यादा मुआवजा मिलेगा। इस पर बृजमोहन अग्रवाल ने तार्किक पलटवार करते हुए कहा कि जमीन अधिग्रहण का मामला सिर्फ 1% है, जबकि इस वृद्धि का सीधा बोझ 99% आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने 4% पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) शुल्क को भी बहुत ज्यादा बताते हुए इसे घटाकर 0.8% करने का सुझाव दिया, ताकि आम आदमी को बड़ी राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री से तीन बड़ी और तत्काल मांगें
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पत्र के माध्यम से तीन मुख्य और त्वरित कार्रवाई की मांग की है:
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20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों को तुरंत स्थगित किया जाए।
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पुरानी गाइडलाइन दरों को तत्काल प्रभाव से फिर से लागू किया जाए।
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वास्तविक बाजार मूल्यांकन के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए।
इसके अलावा, उन्होंने नवा रायपुर से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों को पुनः ग्रामीण क्षेत्र घोषित करने और पंजीयन शुल्क में भारी कटौती करने पर भी जोर दिया है।

