Sharab Price Hike : दिल्ली | दिल्ली के शराब प्रेमियों के लिए यह एक बड़ी ख़ुशख़बरी है। राजधानी की नई आबकारी नीति के तहत अब प्रीमियम शराब की बिक्री मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मेट्रो स्टेशन परिसरों में भी की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्राहकों को एक बेहतरीन अनुभव देना है। ग्राहकों को अब शराब खरीदने के लिए भीड़ या लंबी लाइनों का सामना नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे इन नई ‘वॉक-इन’ स्टाइल की दुकानों में अपने पसंदीदा ब्रांड्स को शेल्फ पर प्रदर्शित कीमतों पर देखकर, छूकर और चुनकर आसानी से खरीद सकेंगे। ये प्रीमियम दुकानें न्यूनतम मानकों के साथ संचालित होंगी, जिनमें एयर कंडीशनिंग, चमकदार रोशनी और ढेर सारे लक्ज़री ब्रांड्स उपलब्ध होंगे, जो ग्राहकों को एक शानदार खरीदारी का अनुभव प्रदान करेंगी।
Sharab Price Hike : नई नीति का एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब दिल्ली में शराब की सभी रिटेल दुकानें केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा ही संचालित की जाएंगी। प्रवेश वर्मा की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तैयार किए गए मसौदे में यह स्पष्ट किया गया है कि निजी प्लेयर्स को शराब बेचने का लाइसेंस नहीं मिलेगा, यानी पहले का हाइब्रिड मॉडल पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। राजधानी में चार सरकारी एजेंसियाँ, DSIIDC, DTTDC, DSCSC और DCCWS, ही सभी खुदरा दुकानों का संचालन करेंगी। इसके अलावा, शराब खरीदने की न्यूनतम उम्र 25 साल पर ही बनी रहेगी और 25 साल से कम उम्र वालों को बिक्री पर सख़्त पाबंदी रहेगी। साथ ही, ये नई दुकानें स्कूल, धार्मिक स्थल और रिहायशी इलाकों के आस-पास नहीं खोली जाएंगी।
चूंकि मॉल और मेट्रो में दुकानें खोलने का किराया बहुत ज़्यादा होता है, इसे पूरा करने के लिए सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। वर्तमान में सरकारी एजेंसियों को प्रति बोतल केवल 50 रुपये का कमीशन मिलता है, जिसे अब बढ़ाने की सिफ़ारिश की गई है। इस बढ़े हुए कमीशन से एजेंसियाँ प्रीमियम दुकानें चला पाएंगी और अधिक लक्ज़री ब्रांड्स को स्टॉक कर सकेंगी। हालाँकि, इस बढ़े हुए खर्च और कमीशन की वजह से दिल्ली में शराब की खुदरा कीमतें बढ़ने की संभावना है।

