Durg Police Counseling : दुर्ग, छत्तीसगढ़। पारिवारिक विवादों में पुरुषों को भी समान सुनवाई का अवसर देने के लिए दुर्ग महिला थाना में शुरू की गई ‘पुरुष काउंसलिंग सेवा’ के पहले ही दिन एक ऐसा अजीबो-गरीब मामला सामने आया, जिसने पुलिस अधिकारियों और काउंसलरों को भी चौंका दिया। दो अलग-अलग व्यक्ति एक ही महिला को अपनी वैध पत्नी बताते हुए, दोनों ने नगर निगम द्वारा जारी किए गए शादी के सर्टिफिकेट पेश कर दिए।
Durg Police Counseling : पुरुष काउंसलिंग सेवा का शुभारंभ
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने रविवार को महिला थाना परिसर में औपचारिक रूप से पुरुष काउंसलिंग सेवा का शुभारंभ किया। यह कदम उन पुरुष आवेदकों की शिकायतों को दूर करने के लिए उठाया गया है, जिनका मानना था कि महिला परामर्श केंद्र में उनकी बात को पर्याप्त महत्व नहीं मिलता। एएसपी पदमश्री तंवर ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य परिवारों को टूटने से बचाना और शांतिपूर्ण समाधान निकालना है।
पहले दिन 8 पुरुषों की हुई काउंसलिंग
पहले ही दिन 8 पुरुषों की काउंसलिंग की गई। इस नई व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक जोशी को पुरुष काउंसलर के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके साथ महिला काउंसलर रत्ना डाकलिया और मोनिका सिंह भी संयुक्त रूप से परामर्श दे रही हैं।
काउंसलिंग के लिए पहुंचे आवेदकों में दुर्ग कोतवाली क्षेत्र का एक पति भी था, जिसके अनुसार उसकी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर एक महीने पहले घर छोड़कर चली गई है। उसने बताया कि उसकी पत्नी हमेशा मोबाइल में व्यस्त रहती थी और मामूली विवाद पर बच्चों को साथ लेकर मायके चली गई। वह बच्चों के साथ अपने परिवार को वापस लाना चाहता है, लेकिन पत्नी समझने को तैयार नहीं है।
दो व्यक्तियों ने दिखाए एक ही महिला के मैरिज सर्टिफिकेट
काउंसलिंग के दौरान तब असहज स्थिति उत्पन्न हो गई जब दो पुरुष काउंसलिंग के लिए पहुंचे और दोनों ने एक ही महिला को अपनी पत्नी होने का दावा किया। थाना परिसर में ही दोनों के बीच विवाद होने पर थाना प्रभारी नीता राजपूत को हस्तक्षेप करना पड़ा।
हैरानी की बात तब हुई जब जांच के लिए दोनों पुरुषों ने एक ही महिला से शादी के वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए, और दोनों दस्तावेज नगर निगम से बने हुए मैरिज सर्टिफिकेट थे। अधिकारियों और काउंसलरों के लिए यह मामला हैरान करने वाला था। अब महिला थाना पुलिस इस बात की गहन जांच करेगी कि दोनों में से किसका मैरिज सर्टिफिकेट कानूनी रूप से वैध है। इस मामले ने पारिवारिक और कानूनी जटिलताओं का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है।

