CG News : सुकमा: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के तहत सुकमा जिले में कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया को अब अत्याधुनिक और पारदर्शी बनाया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले की सभी ग्राम पंचायतों के प्लान को युक्त धारा पोर्टल पर GIS (भौगोलिक सूचना प्रणाली) आधारित तरीके से दर्ज करने का काम शुरू कर दिया गया है। यह व्यवस्था कलेक्टर देवेश ध्रुव के निर्देश और मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में जिले के तीनों जनपद पंचायतों—कोंटा, छिंगदढ़ और सुकमा—में लागू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यों के चयन में पारदर्शिता लाना, त्वरित स्वीकृति सुनिश्चित करना और भविष्य में कार्यों के अभिसरण (कन्वर्जेंस) की संभावनाओं को बढ़ाना है।
CG News : युक्त धारा पोर्टल पर कार्ययोजना की एंट्री में कृषि और जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। बजट की कार्ययोजना में 60 प्रतिशत कार्य कृषि से संबंधित रखे गए हैं, जबकि 30 प्रतिशत कार्य जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित कार्यों को दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों की मांग के अनुसार डबरी निर्माण, बकरी शेड, सुअर शेड और तालाब निर्माण जैसे कार्यों को भी प्रमुखता से कार्ययोजना में शामिल किया गया है।
योजना के तहत लिए जाने वाले परिसंपत्तियों (assets) का चयन अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है। परिसंपत्तियों का भौतिक सत्यापन करते हुए, CLART APP जैसे उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है ताकि कार्यस्थल की उपयुक्तता और चयन स्थल की जियो-टैगिंग (अक्षांश और देशांतर) सुनिश्चित की जा सके। ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार कार्ययोजना के सभी कार्यों को युक्त धारा पोर्टल पर प्राथमिकता के क्रम में अक्षांश और देशांतर के साथ दर्ज किया जा रहा है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि वर्ष 2026-27 में जो भी कार्य पंचायतों में शुरू होंगे, वे इसी दर्ज की गई प्राथमिकता के क्रम में ही आगे बढ़ेंगे।
कलेक्टर देवेश ध्रुव ने इस नई व्यवस्था को लोगों की सुविधा के लिए लागू किया गया एक “बेहतरीन कदम” बताया है। प्रत्येक कार्य की अक्षांश और देशांतर एंट्री से न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि भविष्य में इन परिसंपत्तियों के साथ अन्य योजनाओं के अभिसरण (Convergence) के माध्यम से और भी कार्य कराए जा सकेंगे। भविष्य में ग्राम पंचायतों में होने वाले सभी मनरेगा कार्यों को सबसे पहले 02 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा से अनुमोदन कराना अनिवार्य होगा, जिसके बाद ही उन्हें युक्त धारा पोर्टल में एंट्री मिल पाएगी। युक्त धारा पोर्टल के माध्यम से लेबर बजट 2026-27 के लिए प्लान किए गए कार्यों को 01 अप्रैल 2026 से स्वीकृति प्रदान करना शुरू कर दिया जाएगा। जीआईएस आधारित योजना निर्माण और त्वरित स्वीकृति की इस प्रक्रिया से सुकमा जिले में मनरेगा कार्यों के निष्पादन में दक्षता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।

