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रायपुर को मिलेगा मिनी महाकाल, महादेव घाट कॉरिडोर 8% कम बजट में होगा तैयार

रायपुर: राजधानी रायपुर के लिए बड़ी खबर है। शहर के सौंदर्यीकरण और विकास से जुड़े चार प्रमुख प्रोजेक्ट पर काम जल्द ही शुरू होने वाला है। इनमें से सबसे प्रतिष्ठित, महादेव घाट कॉरिडोर, अनुमानित बजट से लगभग 8% कम खर्च में यानी ₹17 करोड़ 60 लाख में तैयार होगा। नगर निगम ने टेंडर स्वीकृत कर दिए हैं और अब रेट अप्रूवल (दर स्वीकृति) के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि सरकार से मंजूरी मिलते ही इस सप्ताह भूमिपूजन के बाद नए साल (जनवरी) से इन सभी प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इन चारों प्रोजेक्ट पर कुल लगभग ₹108 करोड़ की लागत आएगी।

कम बजट में स्वीकृत हुए प्रमुख प्रोजेक्ट

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, ये सभी प्रोजेक्ट तय लागत से कम दरों पर स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रतिस्पर्धा और बेहतर टेंडर प्रबंधन को दर्शाता है।

प्रोजेक्ट का नाम अनुमानित लागत (₹ करोड़) स्वीकृत लागत (लगभग ₹ करोड़) कमी (लगभग)
महादेव घाट कॉरिडोर 18.00 17.60 8% कम
तेलीबांधा ट्रेड टॉवर 38.00 37.00 ₹1 करोड़ कम
गौरवपथ (बूढ़ापारा से पचपेड़ी नाका) न्यूनतम दर
18 चौक-चौराहों का विकास 5.50 5.11 7% कम

निविदा समिति (Tender Committee) ने वित्तीय लिफाफे खोलने के बाद कम दरों को स्वीकृत कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि केवल 18 जंक्शन के टेंडर के लिए दूसरी बार निविदा जारी करनी पड़ी, शेष सभी प्रोजेक्ट के लिए पहली बार में ही न्यूनतम दरें आ गईं।

महादेव घाट कॉरिडोर का ब्लूप्रिंट

महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर बनने वाला महादेव घाट कॉरिडोर एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस कार्य को नगर निगम, सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) मिलकर पूरा करेंगे।

शुरुआत: कॉरिडोर का निर्माण कार्य महादेव घाट चौक के पास पेट्रोल पंप के सामने से शुरू होगा।

दुकानों का समायोजन: विधायक राजेश मूणत द्वारा मंगवाए गए प्रस्तावों के अनुसार, कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली दुकानों को हटाया नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें व्यवस्थित रूप देकर वहीं समायोजित किया जाएगा।

समाजीकरण भवन: सामाजिक भवनों के रास्तों को कॉरिडोर के मुख्य मार्ग से अलग कर दिया जाएगा।

अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट

गौरवपथ और चौक-चौराहे: गौरवपथ (बूढ़ापारा से पचपेढ़ी नाका तक) और 18 चौक-चौराहों के विकास का ठेका रायपुर की ही एक एजेंसी को मिला है।

जल आपूर्ति: खम्हारडीह टंकी का काम भी तेजी पर है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यदि यह टंकी मार्च से पहले तैयार हो जाती है, तो आगामी गर्मी के मौसम में कचना और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को जलसंकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नवंबर के पहले सप्ताह में इन सभी प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर लगाए गए थे, जिसमें स्थानीय और बाहरी एजेंसियों ने हिस्सा लिया था। अब जल्द ही काम शुरू होने से रायपुर के शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

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