Chhattisgarh Breaking News : बिलासपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबार से जुड़ी कंपनियों पर जीएसटी (GST) विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी कड़ी में आज जीएसटी की टीम ने बिलासपुर के प्रतिष्ठित हिन्द कोल ग्रुप के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। विभाग की इस अचानक कार्रवाई से पूरे कोयला व्यापार जगत में खलबली मच गई है। वर्तमान में टीम ग्रुप की कोल वॉशरी और मुख्य कार्यालयों में मौजूद है, जहां दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
Chhattisgarh Breaking News : इन ठिकानों पर एक साथ पड़ी दबिश
सूत्रों के अनुसार, जीएसटी विभाग की यह कार्रवाई हिन्द कोल ग्रुप के अंतर्गत आने वाली कई बड़ी इकाइयों पर केंद्रित है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित यूनिट्स शामिल हैं:
हिन्द कोल बेनिफिकेशन (Hind Coal Beneficiation)
क्लीन कोल बेनिफिकेशन (Clean Coal Beneficiation)
रेडिएंट कोल बेनिफिकेशन (Radiant Coal Beneficiation)
टीम ने इन सभी इकाइयों के कार्यालयों और प्लांटों में एक साथ पहुंचकर तलाशी शुरू की।
अग्रवाल बंधुओं के ग्रुप पर विभाग की नज़र
जानकारी के मुताबिक, इस पूरे कोल ग्रुप का संचालन प्रसिद्ध कारोबारी राजेश अग्रवाल और संजय अग्रवाल द्वारा किया जाता है। इनकी कोल वॉशरीज बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों जैसे गतौरा, बलौदा और हिंडाडीह में स्थित हैं। जीएसटी की टीम इन सभी लोकेशंस पर सुबह-सुबह पहुंची और सुरक्षा घेरे के बीच जांच शुरू की।
दस्तावेजों और ट्रांजेक्शन की हो रही जांच
सूत्रों का कहना है कि विभाग को कोयले के परिवहन और खरीद-बिक्री में टैक्स चोरी की आशंका थी, जिसके आधार पर यह सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। टीम कंप्यूटर हार्ड ड्राइव, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री के बिल और बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। छापेमारी के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर आने या बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है।
कोयला कारोबारियों में बढ़ी बेचैनी
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से कोयला कारोबार से जुड़े मामलों में केंद्रीय और राजकीय एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। हिन्द कोल ग्रुप पर हुई इस कार्रवाई के बाद अन्य कोल कारोबारियों में भी बेचैनी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक जांच जारी थी और विभाग की ओर से टैक्स चोरी के सटीक आंकड़ों का खुलासा नहीं किया गया है।

