GST Raid : रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ स्टेट जीएसटी विभाग ने प्रदेश के बड़े केटरिंग दिग्गजों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। विभाग ने राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ के नामी केटरर्स के ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। इस पूरी कार्रवाई की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि अधिकारियों ने असली साक्ष्य जुटाने के लिए खुद ‘नकली ग्राहक’ बनकर केटरर्स से कोटेशन मांगे, जिससे करोड़ों की टैक्स चोरी का कच्चा चिट्ठा खुल गया।
GST Raid : 3 महीने की जासूसी और ‘फेक कस्टमर’ का जाल
जीएसटी विभाग को लंबे समय से इन केटरर्स द्वारा भारी कर चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। विभाग ने सीधे छापा मारने के बजाय पहले 3 महीने तक इनकी गुपचुप निगरानी की। अधिकारियों ने पुराने ग्राहकों से मिलकर उनके द्वारा किए गए वास्तविक भुगतान का पता लगाया। इसके बाद पुख्ता सबूत जुटाने के लिए जीएसटी अधिकारी खुद ग्राहक बनकर केटरर्स के पास पहुंचे। जब केटरर्स ने उन्हें लाखों-करोड़ों का रेट कार्ड दिया और उसे सरकारी रिटर्न से मिलाया गया, तो विभाग के होश उड़ गए।
संस्कार केटरर्स: 35 लाख का काम और रिटर्न में सिर्फ 1.5 लाख
जांच में रायपुर के सबसे महंगे ‘संस्कार केटरर्स’ की बड़ी हेराफेरी सामने आई है। रिकॉर्ड के मुताबिक, यह केटरर अपनी विवरणी (Return) में एक दिन की शादी का चार्ज मात्र 1.50 लाख से 1.90 लाख रुपये दिखाता था। जबकि हकीकत में, दो दिन की शादी के लिए यह 30 से 35 लाख रुपये वसूल रहा था।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 के मात्र 5 महीनों में इस केटरर ने 6.77 करोड़ रुपये की कमाई की, लेकिन जीएसटी रिटर्न में केवल 2.30 करोड़ रुपये ही दिखाए। अधिकारियों ने मालिक लोकेश अग्रवाल का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसमें टैक्स चोरी के बड़े राज दफन होने की उम्मीद है।
नकद का खेल: 22 लाख का बिल और 18 लाख ब्लैक में
जीएसटी की टीम जब ‘संस्कार केटरर्स’ के पास ग्राहक बनकर पहुंची, तो वहां के मैनेजर ने दो दिन की शादी का न्यूनतम खर्च 22 लाख रुपये बताया। चौंकाने वाली बात यह थी कि मैनेजर ने शर्त रखी कि केवल 4 लाख रुपये चेक (Check) से लिए जाएंगे और बाकी के 18 लाख रुपये नकद (Cash) देने होंगे। विभाग का कहना है कि यह केटरर्स ग्राहकों से जो वसूलते हैं, उससे 10 गुना कम रिकॉर्ड में दिखाते हैं, ताकि मात्र 5% जीएसटी देने से भी बचा जा सके।
प्रदेशभर के केटरर्स पर शिकंजा
जीएसटी की यह कार्रवाई केवल रायपुर तक सीमित नहीं रही। अधिकारियों ने श्री जी केटरर्स की डायरी और मोबाइल जब्त किए हैं, जिनमें सालों के कैश लेन-देन का हिसाब मिला है। इसके अलावा रायपुर के रॉयल केटरर्स, पालीवाल केटरर्स, दुर्ग के जलाराम, बिलासपुर के प्रतीक केटरर्स और रायगढ़ के अजय केटरर्स के यहाँ भी छापेमारी की गई। इन सभी जगहों पर भारी टैक्स चोरी के सबूत मिले हैं।

