Chhattisgarh Teacher News : रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को बीते छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन आदेश की अवहेलना करने वाले शिक्षकों पर अब गाज गिरने वाली है। रायपुर संभाग के 11 मिडिल स्कूल और 9 प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों ने अभ्यावेदन (Representation) खारिज होने के बावजूद नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसे ‘गंभीर अनुशासनहीनता’ मानते हुए संयुक्त संचालक (JD) ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Chhattisgarh Teacher News : प्रमुख बिंदु: क्यों बढ़ी शिक्षकों की मुश्किलें?
निलंबन नहीं, सीधे सेवा समाप्ति की तैयारी: विभाग का मानना है कि निलंबित करने से शिक्षकों को घर बैठे आधा वेतन मिलता है, जो उनके लिए फायदेमंद हो जाता है। इसलिए अब प्रशासन उन्हें बर्खास्त (Dismiss) करने या ब्रेक-इन-सर्विस (सेवा में व्यवधान) जैसी कठोर कार्रवाई की तैयारी में है।
बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित: इन शिक्षकों की जिद के कारण एकल शिक्षकीय या शिक्षक विहीन स्कूलों में पढ़ाई ठप है।
जांच दल का गठन: जेडी आरपी आदित्य ने डीईओ (DEO) और बीईओ (BEO) को जांच का जिम्मा सौंपा है। टीम इन शिक्षकों की अनुपस्थिति और आदेशों की अवहेलना पर विस्तृत रिपोर्ट देगी।
कोर्ट से नहीं मिली राहत: कई शिक्षक इस प्रक्रिया के खिलाफ हाईकोर्ट गए थे, लेकिन वहां से अभ्यावेदन खारिज होने के बाद भी उन्होंने जॉइनिंग नहीं दी।
इन पर गिरेगी गाज:
मिडिल स्कूल के 11 शिक्षक: जिनका वेतन पहले ही रोका जा चुका है, पर वे स्कूल नहीं पहुंचे।
प्राइमरी स्कूल के 9 सहायक शिक्षक: जिनके खिलाफ डीईओ को तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारी का पक्ष: संयुक्त संचालक आरपी आदित्य के अनुसार, शासन के आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो शिक्षक दूर-दराज के स्कूलों में जाने से बच रहे हैं, उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी जिससे उनकी नौकरी भी जा सकती है।

