CG News : रानीतराई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले (भिलाई क्षेत्र) के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कौही में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। दिसंबर का महीना खत्म होने को है, लेकिन गरीब परिवारों को अब तक उनके हक का चावल नसीब नहीं हुआ है। सरकारी उचित मूल्य की दुकान संचालक की मनमानी और प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी से नाराज होकर अब ग्रामीणों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है।
CG News : खाली हाथ लौटने को मजबूर हितग्राही
ग्रामीणों का आरोप है कि उचित मूल्य की दुकान (राशन दुकान) में लापरवाही का आलम यह है कि पिछले माह का राशन इस महीने बांटा गया और दिसंबर माह का राशन अब तक नहीं पहुंचा है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि ग्रामीण घंटों राशन दुकान के सामने बैठकर धरना देने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि दुकान महीने के आखिरी दिनों में खुलती है और तब भी स्टॉक खत्म होने का बहाना बनाकर आधे लोगों को खाली हाथ लौटा दिया जाता है।
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शिकायत के बाद भी ढाक के वही तीन पात
राशन वितरण में हो रही धांधली को लेकर ग्रामीणों ने पहले भी मोर्चा खोला था। जन आक्रोश को देखते हुए खाद्य विभाग के अधिकारियों ने गांव का दौरा भी किया और जायजा लेकर एक प्रतिवेदन पाटन एसडीएम को सौंपने का आश्वासन दिया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस जांच और प्रतिवेदन के 12 दिन बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों की इस निष्क्रियता ने दुकान संचालक के हौसले और बुलंद कर दिए हैं।
ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। “हमें हमारा हक समय पर क्यों नहीं मिलता?” यह सवाल हर उस ग्रामीण के चेहरे पर है जो राशन कार्ड लेकर दुकान के चक्कर काट रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दिसंबर माह के राशन का वितरण शुरू नहीं हुआ और लापरवाह संचालक पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पाटन एसडीएम कार्यालय का घेराव करेंगे।
यह मामला न केवल राशन वितरण की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे सिस्टम की धीमी चाल गरीबों के चूल्हे बुझाने का काम कर रही है।

