अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) : छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत केरजू धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक दिनेश गुप्ता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और सनसनी का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है।
आधी रात को उठाया खौफनाक कदम
परिजनों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिनेश गुप्ता शुक्रवार की रात को काफी मानसिक तनाव में देखे गए थे। बताया जा रहा है कि वे रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच अपने घर लौटे थे। घर आने के कुछ ही समय बाद उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिवार के सदस्यों ने उन्हें फंदे पर लटका देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई।
क्या ‘पैसों का लेन-देन’ बनी मौत की वजह?
हालांकि पुलिस ने अभी तक मौत के सटीक कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इलाके में चर्चा है कि दिनेश गुप्ता पैसों के लेन-देन को लेकर पिछले कुछ समय से काफी परेशान थे। धान खरीदी सीजन के दौरान प्रबंधकों पर अक्सर काम का भारी दबाव और हिसाब-किताब की जिम्मेदारी होती है। क्या यह कोई आर्थिक तंगी का मामला था या किसी और का दबाव, पुलिस अब इस ‘मनी ट्रेल’ और उनके कॉल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम
सीतापुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। जांच अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के समय और कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन और डायरी की भी तलाश कर रही है ताकि कोई सुसाइड नोट या सुराग हाथ लग सके।
प्रबंधक की मौत से धान खरीदी केंद्रों में शोक
दिनेश गुप्ता के इस आत्मघाती कदम से केरजू धान खरीदी केंद्र सहित जिले के अन्य केंद्रों में भी शोक की लहर है। साथी कर्मचारियों का कहना है कि दिनेश एक कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे, लेकिन उनके मन में क्या चल रहा था, इसका किसी को अंदाजा नहीं था।

