TI Line Attached : रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘खाकी’ और ‘आस्था’ के टकराव का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस की वर्दी पहनकर मर्यादा और प्रोटोकॉल तोड़ने के आरोप में माना थाना प्रभारी (TI) मनीष तिवारी पर गाज गिरी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद रायपुर एसएसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
TI Line Attached : क्या है पूरा मामला?
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दुर्ग (भिलाई) में आयोजित हनुमत कथा के लिए शनिवार को चार्टर्ड प्लेन से रायपुर के स्टेट हैंगर पहुंचे थे। उनकी अगवानी के लिए वहां कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब और पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान माना टीआई मनीष तिवारी ने कुछ ऐसा किया जो पुलिस अनुशासन के खिलाफ माना गया।
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टोपी और जूते उतारकर हुए नतमस्तक
वायरल हुए 56 सेकंड के वीडियो में साफ दिख रहा है कि टीआई मनीष तिवारी ने पहले पंडित शास्त्री को सैल्यूट किया, लेकिन उसके तुरंत बाद अपनी धार्मिक आस्था में बहकर उन्होंने अपनी पुलिस टोपी और जूते उतारे और जमीन पर नतमस्तक होकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के पैर छू लिए।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन और कार्रवाई
पुलिस नियमावली (Police Manual) के अनुसार, वर्दी में तैनात कोई भी अधिकारी किसी व्यक्ति के पैर नहीं छू सकता। वर्दी में केवल ‘सैल्यूट’ करने का ही प्रोटोकॉल है। एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता और पुलिस की साख पर बट्टा लगाने वाला कृत्य माना।
एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए कहा:
“सरकारी वर्दी में तैनात अधिकारी को व्यक्तिगत आस्था दिखाने के लिए प्रोटोकॉल तोड़ने की इजाजत नहीं है। अनुशासनहीनता के चलते टीआई को लाइन अटैच किया गया है और मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।”
विवादों से पुराना नाता: पहले भी हो चुके हैं लाइन अटैच
यह पहली बार नहीं है जब टीआई मनीष तिवारी अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वह विवादों में फंस चुके हैं:
अमित बघेल केस: कुछ समय पहले एक आरोपी अमित बघेल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस कस्टडी में उससे हाथ मिलाते हुए उनका वीडियो वायरल हुआ था।
उस वक्त भी उन पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे थे और उन्हें लाइन अटैच की सजा भुगतनी पड़ी थी।
जांच के घेरे में मौजूदगी
अब पुलिस विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या टीआई मनीष तिवारी की ड्यूटी आधिकारिक रूप से स्टेट हैंगर पर लगाई गई थी? अगर वे बिना किसी आदेश के वहां मौजूद थे, तो उन पर और भी कड़ी गाज गिर सकती है।

