NIT चौपाटी विवाद : रायपुर: राजधानी रायपुर की चर्चित एनआईटी (NIT) चौपाटी को लेकर छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है। शुक्रवार को कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अनूठा विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा नेताओं के लिए ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री अरुण साव और विधायक राजेश मूणत के पोस्टरों के साथ आहुति दी और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे सत्ताधारी दल के नेताओं को सही निर्णय लेने की शक्ति दें।
NIT चौपाटी विवाद : वैध और अवैध के फेर में फंसी चौपाटी
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस चौपाटी को पहले पूरी तरह नियमों के तहत ‘वैध’ बताया गया था, उसे अब अचानक ‘अवैध’ करार दिया जा रहा है। विकास उपाध्याय ने सवाल उठाया कि अगर यह निर्माण अवैध था, तो जनता की गाढ़ी कमाई के 6.5 करोड़ रुपये वहां क्यों खर्च किए गए? कांग्रेस ने मांग की है कि इस बर्बादी के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही तय की जाए और यह राशि वापस होनी चाहिए।
गरीबों की रोजी-रोटी का सवाल
कांग्रेस का मुख्य आरोप है कि इस विवाद की आड़ में छोटे व्यापारियों और ठेला संचालकों के पेट पर लात मारी जा रही है। विकास उपाध्याय ने कहा, “बीजेपी नेताओं की आपसी राजनीति की सजा उन गरीब दुकानदारों को मिल रही है जिनकी आजीविका इस चौपाटी से चलती है।” कांग्रेस की मांग है कि जब तक इन दुकानदारों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक वहां से किसी को भी न हटाया जाए।
नियमों पर उठे सवाल
कांग्रेस ने विधायक राजेश मूणत के पुराने बयानों का हवाला देते हुए पूछा कि जब यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, तब सारे नियम कहां थे? अचानक सत्ता बदलते ही नियम कैसे बदल गए? कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन और सरकार के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम जनता और छोटे कारोबारी भुगत रहे हैं।
दहशत में दुकानदार
इस राजनीतिक खींचतान के बीच चौपाटी के दुकानदार दहशत में हैं। उन्हें डर है कि किसी भी दिन प्रशासन की कार्रवाई उनकी दुकानों को उजाड़ सकती है। फिलहाल, कांग्रेस के इस ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ ने रायपुर की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने के आसार हैं।

