नई दिल्ली। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने एडवांस टैक्स (Advance Tax) से जुड़े नियमों को लेकर अहम जानकारी जारी की है। टैक्सपेयर्स को अपनी टैक्स देनदारी समय पर पूरी करनी होगी, वरना देर से भुगतान करने पर भारी पेनल्टी और ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
क्या है एडवांस टैक्स?
एडवांस टैक्स वह टैक्स है जिसे सालभर में किस्तों में जमा किया जाता है। यदि किसी टैक्सपेयर की वार्षिक टैक्स देनदारी 10,000 रुपये या उससे अधिक है तो एडवांस टैक्स भरना अनिवार्य है।
यह चार किस्तों में जमा करना होता है:
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पहली किस्त: कुल टैक्स का 15%
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दूसरी किस्त: कुल टैक्स का 45%
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तीसरी किस्त: कुल टैक्स का 75%
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चौथी किस्त: कुल टैक्स का 100%
किन्हें देना होता है एडवांस टैक्स?
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सेल्फ-एम्प्लॉयड व्यक्ति
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फ्रीलांसर
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एनआरआई (NRI)
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निवेशक (शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड से कमाई करने वाले)
एडवांस टैक्स भरने की प्रक्रिया
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इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करें।
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E-Pay Tax विकल्प चुनें।
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PAN और आधार से लिंक मोबाइल नंबर दर्ज कर आगे बढ़ें।
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Assessment Year चुनें और Advance Tax को सिलेक्ट करें।
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राशि भरें और नेट बैंकिंग/डिजिटल पेमेंट से टैक्स जमा करें।
समय पर एडवांस टैक्स न भरने पर सज़ा
अगर टैक्सपेयर समय पर एडवांस टैक्स नहीं भरता या देर से जमा करता है, तो Income Tax Act की धारा 234B और 234C के तहत ब्याज और पेनल्टी लगती है।
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बकाया टैक्स पर हर महीने 1% ब्याज देना पड़ता है।
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यह पेनल्टी तब लगती है जब डेडलाइन तक कम से कम 90% टैक्स जमा नहीं किया गया हो।

