Amit Baghel Police Remand : कोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद, पुलिस अमित बघेल को उनके पैतृक गांव ले गई, जहाँ उन्हें पुलिस कस्टडी में ही अपनी दिवंगत मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी गई।
सरेंडर के बाद कोर्ट में पेशी, 3 दिन की पूछताछ
दरअसल, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने के विरोध में 27 अक्टूबर को अमित बघेल ने अग्रवाल समाज के ईष्ट देव अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद देशभर में दोनों समाजों में भारी आक्रोश फैल गया था। रायपुर, रायगढ़, सरगुजा समेत कई जिलों में FIR दर्ज करने की मांग उठी थी, जिसके बाद सिंधी समाज के पदाधिकारियों की शिकायत पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाने में सरेंडर करने के बाद पुलिस ने अमित बघेल को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जेनिफर लकड़ा की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को 3 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इस दौरान पुलिस उनसे विवादास्पद बयान और अन्य पहलुओं को लेकर गहन पूछताछ करेगी।
विरोध के बाद दर्ज हुआ था केस
बता दें कि अमित बघेल के बयान के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने तीखा विरोध जताया था और जगह-जगह प्रदर्शन भी किए थे। लगातार बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कोर्ट के सामने पेश होना पड़ा।

