बिलासपुर/कोटा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कोटा में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश सरकार, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासियों के अधिकारों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
बघेल ने आरोप लगाया—“आदिवासियों को नक्सली बताकर जेल भेजा जा रहा है, फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं और सैकड़ों मुकदमे लादे जा रहे हैं। पिछले 20 महीनों में 35-40 हजार आदिवासी प्रदेश छोड़ने को मजबूर हुए। तमनार में अदाणी के लिए जंगल काटे जा रहे हैं, जबकि हमारी सरकार ने जिन गांवों में सामुदायिक पट्टे दिए थे, वहां अब उजाड़ मचाया जा रहा है। आदिवासी CM को उद्योगपतियों के हित साधने का चेहरा बनाया गया है।”
“हमारे वोट चोरी हुए” — निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप
वोट चोरी के मुद्दे पर बघेल ने कहा—“लोकसभा चुनाव में कांकेर केवल 1800 वोट से, राजनांदगांव 4400 वोट से हारे। विधानसभा में कांकेर, पत्थलगांव, अंबिकापुर में मामूली अंतर से हार हुई। राहुल गांधी के खुलासे ने लोगों का भरोसा हिला दिया। यह साफ है—हमारे वोट चोरी हुए। निर्वाचन आयोग अब भाजपा का आनुषंगिक संगठन बन गया है। यहां दाल में काला नहीं, पूरी दाल काली है।”
खाद संकट और डिप्टी CM पर कटाक्ष
प्रदेश में खाद की कमी को लेकर बघेल ने कहा—“DAP और यूरिया की कमी है, कालाबाजारी चरम पर है और नकली खाद खुलेआम बिक रही है। पानी का संकट गहरा रहा है, केवल खुड़िया बांध खोलने से किसानों का भला नहीं होगा। अरुण साव पूरे प्रदेश के डिप्टी CM हैं, लेकिन उनकी चलती नहीं। अब तक एक किलोमीटर सड़क भी नहीं बनी।”
CM विष्णुदेव साय पर तंज
बघेल ने कहा—“साय जी शेषनाग की सैया में विश्राम कर रहे हैं। स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, बिजली बिल और कटौती दोनों बढ़ रहे हैं। दिल्ली जाकर मंत्रिमंडल विस्तार का सपना देखा, लेकिन बुलावा बिहार चुनाव की तैयारी के लिए था।”
EVM पर सवाल और ‘वन नेशन वन इलेक्शन’
EVM के मुद्दे पर बघेल बोले—“जिस दिन EVM हाथ लगी, पता चलेगा कैसे मेनिपुलेट करते हैं। जहां EVM बनती है, वहां बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं। मतदाता के मन से शक खत्म होना चाहिए, लेकिन छत्तीसगढ़ में वोट चोरी हुई है, यह हम पहले दिन से कह रहे हैं।” उन्होंने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ की जगह पहले ‘वन नेशन वन वोटर लिस्ट’ बनाने की मांग की।
ED, CBI और BJP जॉइन करने के दबाव का आरोप
पूर्व CM ने कहा—“मेरे घर तीन बार छापा पड़ा, बेटे से 9 घंटे पूछताछ हुई, चैतन्य के जन्मदिन पर भी गिरफ्तारी की गई। BJP जॉइन करते ही नेताओं के सारे आरोप खत्म हो जाते हैं। मुझसे भी उम्मीद की गई कि मैं भाजपा में आ जाऊं, लेकिन हम डरने वाले नहीं। हम हेमंत बिस्वा शर्मा नहीं हैं।”
अन्य मुद्दों पर भी साधा निशाना
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बांग्लादेशी मामला: “भाजपा बहुसंख्यक को साधने और अल्पसंख्यक को सताने की राजनीति कर रही है। तमनार में अदाणी के गुंडे आदिवासियों और महिलाओं को परेशान कर रहे थे, तब बजरंग दल चुप क्यों था?”
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नेहरू पर हमला करने वालों पर: “नेहरू आज भी प्रासंगिक हैं, तभी भाजपा-आरएसएस नेता उन्हें कोसते हैं। यह कुर्सी है, जनाजा नहीं—कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते।”
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भाजपा नेताओं की स्थिति: “पहले अधिकारी रेणुका सिंह से थर-थर कांपते थे, अब उन्हें चेंबर से भगा रहे हैं। महादेव सट्टा अभी भी चल रहा है, डबल इंजन सरकार में प्रोटेक्शन मनी दिल्ली तक जा रही है।”
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मोदी-ट्रम्प दोस्ती: “दोस्त… दोस्त न रहा। मोदी की बेइज्जती हो तो भी देश का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
भूपेश बघेल के इस तीखे प्रहार से छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने के आसार हैं।

