Big News: सरगुजा जिले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक अधिवक्ता और उसके परिवार के साथ मारपीट की। घटना के बाद घायल अधिवक्ता ने एसपी के नाम एएसपी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मामले में बढ़ते विवाद को देखते हुए SP सरगुजा ने हेड कांस्टेबल को लाइन अटैच कर दिया है।
गाड़ी मोड़ने की बात पर विवाद, बात हाथापाई तक पहुंची
अधिवक्ता राजेश तिवारी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के साथ गाड़ी मोड़ने को लेकर प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप का विवाद हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि हाथापाई शुरू हो गई। राजेश तिवारी और उनकी पत्नी जब बचाव करने पहुंचे तो संतोष कश्यप, उसके भाई और सहयोगियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में अधिवक्ता के पैर में गंभीर चोट आई।
“रक्षक ही भक्षक बन रहे हैं” — अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश
अधिवक्ता और ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष राजेश तिवारी ने ज्ञापन देकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना से नाराज अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया है कि:
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आरोपित पुलिसकर्मी
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उसके भाई
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और सहयोगियों
इन सभी की किसी भी मामले में पैरवी नहीं की जाएगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब जनता की सुरक्षा करने वाले ही कानून हाथ में लेने लगें, तो पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।
SP का एक्शन: आरोपी प्रधान आरक्षक लाइन अटैच
शिकायत के बाद सरगुजा एसपी राजेश अग्रवाल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक संतोष कश्यप को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश जारी किए गए हैं।

