Big News: छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम (पापुनि) ने आगामी शिक्षा सत्र के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच, कागज की सप्लाई में देरी करने पर निगम ने दो फर्मों पर 1.10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। इनमें ओरिएंट पेपर मिल्स पर 80 लाख और श्रेयांस पेपर पर 30 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है। दोनों कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी भी चल रही है। निगम अध्यक्ष राजा पांडेय ने साफ कहा है कि कागज सप्लाई और प्रिंटिंग में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर काम पूरा नहीं करने पर अब प्रति दिन 1% पेनाल्टी बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।
समय पर किताबें पहुंचेगी स्कूलों तक
राजा पांडेय ने बताया कि आगामी सत्र के लिए किताबों की प्रिंटिंग और कागज खरीदी का टेंडर एक-दो दिनों में जारी किया जाएगा। इस बार का लक्ष्य है कि स्कूल खुलने से 10 दिन पहले सभी किताबें स्कूलों और संकुलों में पहुंच जाएं। इसके लिए सभी डिपो में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 8 नए डिपो बनाए जाएंगे।
कम दर पर खरीदी से 24 करोड़ की बचत
पापुनि ने इस वर्ष जैम पोर्टल के माध्यम से कागज की खरीदी की, जिससे प्रति मीटन 20 रुपए कम दर पर सौदा हुआ। इस बार कागज 78 रुपए प्रति किलो मीटन में खरीदा गया, जबकि पिछले सत्र में यह दर 98 रुपए थी। कुल 12,000 मीटन कागज खरीदे जाने से शासन को लगभग 24 करोड़ रुपए की बचत हुई।
यू-डाइस कोड आधारित वितरण
इस वर्ष यू-डाइस कोड के आधार पर किताबों का वितरण किया गया। पापुनि ने कुल 2.64 करोड़ पाठ्य पुस्तकें मुद्रित कर वितरित कीं, जो पिछले वर्ष से करीब 20 लाख कम हैं। इससे करीब 10 करोड़ रुपए की बचत हुई।
कई राज्यों में लागू यही प्रणाली
राजा पांडेय ने बताया कि कागज की खरीदी और किताबों की छपाई की यह प्रणाली गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, पांडुचेरी और असम जैसे राज्यों में भी लागू है।

