Breaking News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के आरोप में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी सिंह तोमर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मध्यप्रदेश के ग्वालियर से क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को पुलिस उसे रायपुर लेकर पहुंची।
ग्वालियर में घेराबंदी कर दबोचा गया
पुलिस ने 3 नवंबर को ही वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा दिया था। उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए टावर डंप की मदद ली गई। एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश पर रायपुर पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। इसके बाद शनिवार को पुलिस ने ग्वालियर में घेराबंदी कर वीरेंद्र तोमर को गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला?
करीब पांच महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने रोहित तोमर (वीरेंद्र का छोटा भाई) के खिलाफ मारपीट और धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद दोनों भाई फरार हो गए थे। पुलिस की लगातार कोशिशों के बावजूद दोनों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी रास्ते अपनाए। हाल ही में हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने तलाशी अभियान तेज किया।
रायपुर का कुख्यात अपराधी
वीरेंद्र तोमर रायपुर का आदतन अपराधी और सूदखोर माना जाता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह अपने भाई रोहित तोमर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सूदखोरी का अवैध धंधा करता था। यह गैंग जरूरतमंद लोगों को ऊंचे ब्याज पर कर्ज देकर बाद में उनसे जबरन वसूली करता था। पैसे न लौटाने पर मारपीट, धमकी और रंगदारी जैसे तरीकों से उगाही की जाती थी।
छह से अधिक आपराधिक मामले दर्ज
वीरेंद्र तोमर के खिलाफ रायपुर के विभिन्न थानों में 6 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें—
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सूदखोरी और जबरन वसूली के केस
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मारपीट और हत्या की कोशिश
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अवैध हथियार रखने का मामला
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धमकी और ब्लैकमेलिंग के केस शामिल हैं।
पुलिस ने अब वीरेंद्र के भाई रोहित तोमर की तलाश तेज कर दी है, जो अब भी फरार है।

