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CG IAS Breaking: छत्तीसगढ़ की ब्यूरोक्रेसी में जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राज्य सरकार ने मंत्रालय से लेकर जिलों तक प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ ही कलेक्टरों और सचिवालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस हफ्ते के अंत तक राज्य को नया मुख्य सचिव मिल जाएगा और उसी के साथ बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की शुरुआत होगी।

नए मुख्य सचिव की नियुक्ति पर सस्पेंस

1994 बैच के आईएएस अधिकारी विकासशील का नाम मुख्य सचिव के रूप में लगभग तय माना जा रहा है। वे इस समय एशियन डेवलपमेंट बैंक में पदस्थ थे, लेकिन हाल ही में उन्हें अचानक वापस बुला लिया गया। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुद पहल कर केंद्र सरकार को पत्र लिखकर विकासशील की सेवाएं लौटाने की मांग की थी।

8 सितंबर को भेजे गए इस प्रस्ताव के बाद डीओपीटी ने विकासशील को एडीबी से रिलीव कर दिया और उनकी जगह नई पदस्थापना कर दी। इसके बाद से उनके छत्तीसगढ़ लौटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार ने उनकी सेवाएं औपचारिक रूप से राज्य को नहीं लौटाई हैं। आदेश जारी होते ही राज्य सरकार उन्हें मुख्य सचिव नियुक्त कर सकती है।

सचिवालय में होगा बड़ा फेरबदल

नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ ही मंत्रालय में भी कई अफसरों की जिम्मेदारियां बदलने की तैयारी है। चर्चा है कि –

  • सिद्धार्थ कोमल परदेसी से स्कूल शिक्षा लेकर उन्हें स्वास्थ्य विभाग दिया जा सकता है।

  • बसव राजू से नगरीय प्रशासन लेकर उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है।

  • वहीं अमित कटारिया को स्वास्थ्य से हटाकर नगरीय प्रशासन विभाग दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

इस फेरबदल का मकसद मंत्रालय में एडमिनिस्ट्रेटिव कसावट लाना और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड स्ट्रक्चर तैयार करना है।

जिलों के कलेक्टरों पर भी गिरेगी गाज

फेरबदल की आंच जिलों तक पहुंच सकती है। कई कलेक्टरों की कुर्सी बदलने की चर्चाएं तेज हैं।

  • कोरबा कलेक्टर अजित वसंत – भाजपा नेता ननकीराम कंवर लगातार उनके खिलाफ मुखर रहे हैं। हालांकि सरकार उनके काम से संतुष्ट है और उन्हें किसी बड़ी भूमिका में लाया जा सकता है।

  • सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर, बेमेतरा कलेक्टर रणबीर शर्मा, सारंगढ़ कलेक्टर संजय कन्नौजे, कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा, बस्तर कलेक्टर हरीश एस, बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर राजेंद्र कटारा, और सक्ति कलेक्टर अमृत विकास टोपनो – इन सभी के ट्रांसफर की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं।

सरकार नॉन-परफार्मर कलेक्टरों को साइडलाइन करने की रणनीति पर काम कर रही है।

सरकार क्यों कर रही है बड़ा बदलाव?

साय सरकार के दो साल पूरे होने के बाद अब अगले डेढ़ साल का समय बेहद अहम है। यह समय प्रशासनिक कसावट लाकर सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने और सुशासन की छवि मजबूत करने का है।

राजनीतिक मोर्चे पर आने वाले समय में विपक्ष की घेराबंदी भी तेज होगी। ऐसे में सरकार नहीं चाहती कि कमजोर परफॉर्मेंस वाले अधिकारी इसकी राह में बाधा बनें। इसलिए मंत्रालय से लेकर जिलों तक बड़े पैमाने पर फेरबदल की तैयारी है।

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के साथ ही यह तय माना जा रहा है कि कई जिलों के कलेक्टर बदलेंगे और सचिवालय में भी विभागीय जिम्मेदारियों का बड़ा बदलाव होगा। अब सभी की नजरें सरकार की ओर हैं कि यह आदेश कब जारी होंगे और कौन-कौन अधिकारी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

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