CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला (CG Liquor Scam) मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को एक और बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी न्यायिक रिमांड को बढ़ाते हुए 12 नवंबर 2025 तक जेल में भेजने का आदेश दिया है।
कोर्ट में पेशी के बाद बढ़ी रिमांड
चैतन्य बघेल की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने रिमांड बढ़ाने का फैसला लिया। इसी मामले में आरोपी निरंजन दास को भी कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली, जिससे ईडी (Enforcement Directorate) की जांच को और बल मिला है।
हाई कोर्ट ने भी याचिका की खारिज
इससे पहले चैतन्य बघेल ने ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका तर्क था कि ईडी की कार्रवाई असंवैधानिक और नियम विरुद्ध है। हालांकि, हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद यह याचिका खारिज कर दी, जिससे चैतन्य को कोई राहत नहीं मिल सकी।
3,200 करोड़ का शराब घोटाला — बड़ा आरोप
ईडी ने 15 सितंबर को इस बहुचर्चित शराब घोटाले में 5000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट विशेष अदालत में दाखिल की थी। इस चार्जशीट में चैतन्य बघेल पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और कथित घोटाले में संलिप्तता के आरोप लगाए गए हैं। ईडी का दावा है कि यह घोटाला 3200 करोड़ रुपये से अधिक का है, जिसमें कई प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हैं।
भूपेश बघेल का बयान — “राजनीतिक बदले की कार्रवाई”
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है — “यह बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। मेरे बेटे को जानबूझकर शराब घोटाले में फंसाया जा रहा है।”

