CG Naxal Encounter: छत्तीसगढ़–आंध्रप्रदेश सीमा पर मारेदुमिल्ली इलाके में नक्सलियों के साथ हुई बड़ी मुठभेड़ के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही मौजूदा सरकार की नीतियों को लेकर गंभीर सवाल भी उठाए हैं। इस मुठभेड़ में कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिड़मा समेत छह नक्सली ढेर हुए हैं।
“हिड़मा का मारा जाना नक्सलियों की कमर तोड़ने वाली बात” — पूर्व CM बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हिड़मा जैसे खूंखार नक्सली का ढेर होना सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने वाली बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा, “हिड़मा का मारा जाना नक्सलियों की कमर तोड़ने वाली बात है। यह जवानों की बड़ी सफलता है और नक्सली संगठन के लिए भारी नुकसान है।” हिड़मा बस्तर में पिछले दो दशकों में हुए 27 से अधिक बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था। उसकी मौत को नक्सल समस्या के खिलाफ निर्णायक झटका कहा जा रहा है।
आदिवासी विकास की नीतियों पर सरकार को घेरा
हालांकि प्रशंसा के साथ-साथ पूर्व CM बघेल ने मौजूदा सरकार पर भी प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार आदिवासी विकास की दिशा में विफल साबित हुई है। बघेल ने कहा, “हमारी नीति आदिवासियों को रोजगार देना और बस्तर सहित आदिवासी अंचल का समग्र विकास करना थी। लेकिन अब वह नीति लागू नहीं हो पा रही है, जो इस सरकार की विफलता को दर्शाता है।” बघेल का कहना है कि रोजगार योजनाएं और विकास कार्य ठप होने से स्थानीय लोगों के सामने संकट बढ़ा है।
विधानसभा के विशेष सत्र पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने विशेष सत्र को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पुराने विधानसभा भवन का आखिरी सत्र होने के बावजूद सरकार ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने का प्रयास किया। उन्होंने कहा “धान खरीदी, बस्तर में जमीन कब्जे की घटनाएं, वर्तमान परिस्थितियां—इन सब पर चर्चा आवश्यक थी, लेकिन इन मुद्दों को नजरअंदाज किया गया। अब हम इन्हें नए विधानसभा भवन में मजबूती से उठाएंगे।” बघेल ने कहा कि उनकी पार्टी इन जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयार है।

