CG News: विश्व बाल दिवस के अवसर पर जिले में बच्चों के अधिकार और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल देखने को मिली। यूनिसेफ के “चाइल्ड एम्पावरमेंट कार्यक्रम” के तहत 12वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्रा संतोषी धीवर को 15 मिनट के लिए जांजगीर-चांपा की पुलिस अधीक्षक (SP) की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान संतोषी ने दो महत्वपूर्ण आदेश जारी कर प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया।
स्कूल-कॉलेज के पास पान दुकानों की दूरी 200 मीटर करने का आदेश
कार्यभार संभालते ही छात्रा संतोषी ने पहला आदेश जारी करते हुए कहा कि स्कूल और कॉलेज परिसरों के आसपास संचालित पान दुकानों की दूरी को बढ़ाकर 200 मीटर किया जाए। यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और नशे जैसी बुरी आदतों से बचाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
पुलिस लाइन में खड़े टू-व्हीलर वाहनों की नीलामी का प्रस्ताव
अपने दूसरे आदेश में ‘एक दिन की SP’ ने पुलिस लाइन में सालों से खड़े टू-व्हीलर वाहनों की नीलामी के लिए वरिष्ठ कार्यालय को पत्र भेजने का निर्देश दिया। इससे पुलिस परिसर में जगह की समस्या का समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
DSP और CSP ने बच्चों को सुरक्षा उपायों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान
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DSP कविता ठाकुर
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CSP योगिता बाली खापर्डे
ने बच्चों को साइबर सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनहितकारी अभियानों के बारे में विस्तार से बताया।
विश्व बाल दिवस का उद्देश्य
हर वर्ष 20 नवंबर को मनाया जाने वाला विश्व बाल दिवस बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसरों को बढ़ावा देने का दिन है। यह समाज और सरकारों को याद दिलाता है कि बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस आयोजन ने बच्चों को नेतृत्व, अधिकारों की समझ और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी।

