CG Vidhansabha Breaking : रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। प्रश्नकाल के दौरान सदन की स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस विधायक हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सदन के भीतर दाखिल हो गए। विपक्ष के इस कड़े तेवर को देख सत्ता पक्ष ने मोर्चा खोल दिया, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को महज दो मिनट के भीतर दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
CG Vidhansabha Breaking : पोस्टर-बैनर पर छिड़ा ‘वाकयुद्ध’ हंगामे की शुरुआत उस वक्त हुई जब कांग्रेस विधायक मनरेगा के नाम में किए गए बदलाव का विरोध करने के लिए पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। सत्ता पक्ष की ओर से विधायक अजय चंद्राकर और धर्मजीत सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रश्नकाल के दौरान भाषणबाजी और इस तरह का प्रदर्शन एक गलत परंपरा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्पीकर की सख्त हिदायत: ‘पोस्टर हटाकर ही आएं अंदर’ सदन में बढ़ती नारेबाजी और तीखी बहस को देख विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने व्यवस्था देते हुए कहा कि प्रश्नकाल विधायकों के लिए सबसे बहुमूल्य समय होता है और सदन की मर्यादा के भीतर झंडा, बैनर या नारेबाजी नियमों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पोस्टर हटाकर ही आप सदन में आएं।” हालांकि, इसके बावजूद जब विपक्षी सदस्यों ने पोस्टर नहीं हटाए, तो स्पीकर ने आसंदी से उठकर कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
दो मिनट में दूसरी बार ब्रेक सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही नजारा फिर वही था। आसंदी के निर्देशों का पालन न होने और विपक्ष के अड़ियल रुख के कारण सदन में फिर से शोर-शराबा शुरू हो गया। मर्यादा का उल्लंघन होते देख विधानसभा अध्यक्ष ने दो मिनट के भीतर ही दूसरी बार कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। सत्ता पक्ष का कहना है कि वे इस ‘नई परंपरा’ का पुरजोर विरोध करते हैं, जबकि विपक्ष नाम परिवर्तन के मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा।

