CGPSC Scam: चर्चित सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा घोटाले में आरोपी मीशा कोशले और दीपा आदिल को बड़ी राहत मिली है। दोनों को सीबीआई कोर्ट ने जमानत दे दी है। अभियुक्तों की ओर से कोर्ट में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि इसी मामले के अन्य आरोपियों को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इसलिए समानता के आधार पर इन्हें भी राहत दी जानी चाहिए।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष सीबीआई कोर्ट ने दोनों महिला आरोपियों को जमानत प्रदान कर दी। जानकारी के अनुसार, मीशा कोशले और दीपा आदिल रिश्ते में टामन सिंह सोनवानी की बहू और भतीजी हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहले ही चार आरोपियों को दे चुका है जमानत
सीजीपीएससी घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले चार अन्य आरोपियों —
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नितेश सोनवानी
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साहिल सोनवानी
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शशांक गोयल
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भूमिका कटियार
को जमानत प्रदान की थी। ये सभी आरोपी कई महीनों से रायपुर जेल में न्यायिक हिरासत में थे।
अब भी जेल में हैं मुख्य आरोपी
इस मामले में अभी भी
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पूर्व CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी,
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परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक
रायपुर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। इनके खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच अब भी जारी है।
पृष्ठभूमि: क्या है CGPSC घोटाला?
सीजीपीएससी परीक्षा में फर्जीवाड़े का यह प्रकरण पिछले वर्ष सामने आया था, जिसमें
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उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली,
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परीक्षा प्रक्रिया में हेरफेर,
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और प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता
जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।

