रायपुर, 19 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ में चर्चित आबकारी घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पाटन विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल से पांच दिनों तक पूछताछ करने की अनुमति मिल गई है। रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार को यह आदेश दिया। अब ईडी चैतन्य बघेल से अपने कार्यालय में लगातार पांच दिनों तक पूछताछ कर सकेगी। ईडी ने सोमवार 18 अगस्त को स्पेशल कोर्ट में पांच दिनों की रिमांड का आवेदन पेश किया था। उस समय चैतन्य बघेल को न्यायिक रिमांड समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था। बचाव पक्ष ने ईडी के आवेदन पर आपत्ति जताते हुए अपना पक्ष रखने की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई मंगलवार तक टाल दी।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कई आपत्तियाँ दर्ज कराईं। इस बीच ईडी की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेज अधूरे पाए गए, जिस पर स्पेशल कोर्ट के जज ने ईडी को फटकार लगाई। गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को ईडी ने कथित आबकारी (शराब) घोटाले में पहले ही गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल रायपुर में न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब ईडी का कहना है कि विवेचना के दौरान घोटाले से जुड़े नए तथ्य और सबूत सामने आए हैं, जिन पर पूछताछ आवश्यक है। इसी आधार पर कोर्ट से रिमांड मांगी गई थी, जिसे स्वीकृति मिल गई है।
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी और अब रिमांड मिलने से प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि “कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बचाया नहीं जा सकता।”

