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Chhattisgarh Cyber Police Station : साइबर ठगों की अब खैर नहीं, 9 जिलों में जल्द खुलेंगे हाईटेक ‘साइबर थाने

Chhattisgarh Cyber Police Station
Chhattisgarh Cyber Police Station

Chhattisgarh Cyber Police Station : रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के 9 और जिलों में जल्द ही नए साइबर थाने (Cyber Police Station) अस्तित्व में आ जाएंगे। गृह विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी 2026 तक ये थाने पूरी तरह संचालित होने लगेंगे। वर्तमान में प्रदेश के पांचों संभागों (रेंज स्तर) में ही साइबर थाने काम कर रहे हैं, जिससे केस का दबाव बहुत ज्यादा था।

Chhattisgarh Cyber Police Station : इन 9 जिलों में खुलेंगे नए थाने
राज्य सरकार ने मार्च 2024 और मार्च 2025 के बजट में इन थानों की घोषणा की थी। अब नवंबर में अधिसूचना जारी होने के बाद निम्नलिखित जिलों में सेटअप तैयार किया जा रहा है

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रायपुर रेंज: बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद (रायपुर में पहले से रेंज थाना मौजूद है)।

अन्य जिले: कोरबा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और जशपुर।

रेंज थानों का बोझ होगा कम, मिलेगी तकनीकी मजबूती
अभी तक संभाग स्तर पर ही साइबर अपराधों की विवेचना होती थी, जिसके कारण पुलिस को तकनीकी और स्टाफ संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। आईजी (IG) स्तर पर अन्य जिलों से स्टाफ बुलाकर काम चलाया जा रहा था। अब जिला स्तर पर अलग थाने खुलने से अपराधियों तक पहुंचना आसान होगा और विवेचना में तेजी आएगी। मार्च 2026 के बजट में इन थानों के लिए अलग से भारी-भरकम फंड मिलने की भी उम्मीद है।

साइबर ठगों पर बड़ी चोट: 39 हजार सिम ब्लॉक, 1116 गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ पुलिस ने पिछले कुछ समय में साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार:

82.5 करोड़ रुपये साइबर ठगों के पास पहुँचने से पहले ही पुलिस ने होल्ड कराए।

28,946 मोबाइल नंबर और 10,409 IMEI नंबर को ब्लॉक किया गया।

फर्जी सिम और म्यूल अकाउंट (Mule Accounts) के मामलों में कुल 1116 आरोपियों को जेल भेजा गया है।

साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 (पूर्व में 1030) के माध्यम से लोगों की डूबी हुई रकम को बचाने में सफलता मिली है।

कॉन्फ्रेंस के बाद आई तेजी
हाल ही में हुई DGP-IGP कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सामने साइबर अपराधों पर विस्तृत चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी करने में तेजी दिखाई है ताकि छत्तीसगढ़ में डिजिटल अपराधियों के खिलाफ एक अभेद्य सुरक्षा तंत्र तैयार किया जा सके।

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