रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र 2025 के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन में एक सनसनीखेज ब्यौरा प्रस्तुत किया है। यह ब्यौरा प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और सूचना के आधार पर राज्य सरकार द्वारा अखिल भारतीय सेवा (IAS) और राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) संवर्ग के अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से संबंधित है। मुख्यमंत्री ने कुल सात वरिष्ठ अधिकारियों की वर्तमान स्थिति—यानी कौन जेल में है और कौन जमानत पर—की जानकारी दी।
भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कैलेंडर वर्ष 2023, 24 और 25 में ईडी द्वारा छत्तीसगढ़ के IAS, IPS, IRS, और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी मांगी थी, साथ ही यह भी पूछा था कि ईडी की सूची आने पर राज्य सरकार ने नियमों के तहत क्या कदम उठाए।
मुख्यमंत्री का सदन में लिखित जवाब: सात अफसरों का लेखा-जोखा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने लिखित जवाब में उन अधिकारियों की सूची सदन के पटल पर रखी जिन पर कार्रवाई हुई है। यह सूची भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार की कठोर नीति को दर्शाती है:
| अधिकारी का नाम और पद (तत्कालीन) | संवर्ग | राज्य सरकार की मुख्य कार्रवाई | वर्तमान स्थिति |
| अनिल टुटेजा (संयुक्त सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग) | IAS | अभियोजन की स्वीकृति प्रदान। | जेल में निरुद्ध |
| रानू साहू (कलेक्टर, कोरबा) | IAS | ईडी द्वारा जेल दाखिल किए जाने पर निलंबित। विधि विभाग से अभियोजन की स्वीकृति। | जमानत पर |
| समीर विश्नोई (निदेशक भू विज्ञान एवं खनिज) | IAS | ईडी द्वारा जेल दाखिल किए जाने पर निलंबित। आरोप पत्र जारी। विधि विभाग से अभियोजन की स्वीकृति। | जमानत पर |
| निरंजन दास (आयुक्त आबकारी/सचिव आबकारी) | रिटायर्ड IAS | भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जेल दाखिल। अभियोग पत्र की अनुमति मांगी गई। | जेल में निरुद्ध |
| जेपी मौर्य (संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म) | IAS | एसीबी/ईओडब्ल्यू को संदेही अफसर के रूप में जांच हेतु अनुमति। | जांच जारी |
| सौम्या चौरसिया (उपसचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय) | राज्य प्रशासनिक सेवा | ईडी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर निलंबन। विधि विभाग से अभियोजन की स्वीकृति। | जमानत पर |
| भरोसा राम ठाकुर (अपर कलेक्टर) | राज्य प्रशासनिक सेवा | सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निलंबित। विधि विभाग से अभियोजन की स्वीकृति। | जमानत पर |
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री के इस जवाब से स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों (ED) से सूचना मिलने के बाद अपने अधिकारियों के खिलाफ तत्काल और नियमसंगत कार्रवाई की है। तीन IAS अधिकारी (अनिल टुटेजा, रानू साहू, समीर विश्नोई), एक रिटायर्ड IAS (निरंजन दास) और दो राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (सौम्या चौरसिया, भरोसा राम ठाकुर) सीधे तौर पर ईडी की जांच के दायरे में आए और उनके खिलाफ निलंबन और अभियोजन की स्वीकृति जैसी कठोर विभागीय कार्रवाई की गई।
विशेष रूप से, तत्कालीन संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा और रिटायर्ड आईएएस निरंजन दास वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं, जबकि आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई और राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया जमानत पर बाहर हैं। आईएएस जेपी मौर्य के मामले में अभी एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा जांच जारी है।
इस जानकारी को सदन में रखना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर मजबूती से कायम है। विधायक राजेश मूणत द्वारा उठाए गए इस सवाल से साफ हुआ कि केंद्रीय जांच एजेंसियों और राज्य सरकार के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और उसके आधार पर प्रशासनिक कार्रवाई सुचारू रूप से चल रही है।

