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छत्तीसगढ़ विधानसभा में ‘बेरोज़गारी भत्ता’ पर घमासान: भूपेश बघेल के सवाल पर गरमाया सदन, कांग्रेस ने किया बर्हिगमन

Chhattisgarh Vidhan Sabha Winter Session
Chhattisgarh Vidhan Sabha Winter Session

Chhattisgarh Vidhan Sabha Winter Session : रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन, सदन का माहौल बेरोज़गारी भत्ता के मुद्दे पर बुरी तरह गरमा गया। कांग्रेस ने प्रदेश के 11 लाख से अधिक पंजीकृत बेरोज़गारों को भत्ता न दिए जाने के विरोध में सदन से बर्हिगमन (वॉकआउट) कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीधे सत्ता पक्ष पर बेरोज़गारों से छल करने का गंभीर आरोप लगाया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी जवाबी नारेबाजी शुरू हो गई।

Chhattisgarh Vidhan Sabha Winter Session : पूर्व सीएम ने उठाया ‘बजट प्रावधान’ का सवाल

विधानसभा में बेरोज़गारी और रोज़गार सृजन पर चर्चा के दौरान, विधायक लखेश्वर बघेल ने राज्य में 1 अप्रैल 2024 की स्थिति में पंजीकृत बेरोज़गारों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सदन को बताया कि राज्य में कुल 11,39,656 रोज़गार इच्छुक पंजीकृत हैं। उन्होंने रोज़गार उपलब्ध कराने के लिए प्लेसमेंट कैंप और रोज़गार मेला जैसे प्रयासों की जानकारी भी दी।

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हालांकि, सदन में उस समय तनाव बढ़ गया जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने मंत्री से सीधा सवाल किया कि जब पिछले सत्र के लिखित जवाब में यह स्पष्ट हो चुका है कि बेरोज़गारी भत्ता देने के लिए बजट में प्रावधान रखा गया है, तो फिर राज्य सरकार बेरोज़गारों को यह भत्ता क्यों नहीं दे रही है? पूर्व सीएम ने सरकार पर छल करने का आरोप लगाते हुए मंत्री से स्पष्ट पूछा, “बेरोज़गारों को भत्ता देंगे या नहीं?”

अजय चंद्राकर और उमेश पटेल के बीच नोकझोंक

बेरोज़गारी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। विधायक लखेश्वर बघेल के सवाल पर विधायक अजय चंद्राकर ने पूर्व मंत्री उमेश पटेल पर निशाना साधते हुए कहा कि बेरोज़गारी के बारे में उमेश पटेल अच्छी तरह जानते हैं, क्योंकि पिछली कांग्रेस सरकार ने पूरे पाँच साल बेरोज़गारों को ठगने का काम किया था।

इसी नोकझोंक के बीच पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से सीधा सवाल किया कि मेरा सिर्फ एक ही सवाल है, “बेरोज़गारों को भत्ता क्यों नहीं दिया जा रहा है?”

इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह सवाल विधायक लखेश्वर बघेल के मूल प्रश्न का हिस्सा नहीं है और विधायक मंत्री को तत्काल जवाब देने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट में प्रावधान का हवाला देकर कांग्रेस के पक्ष को मजबूती से रखा।

कांग्रेस का बर्हिगमन और जवाबी नारेबाजी

बेरोज़गारी भत्ता को लेकर सदन में गरमा-गरमी का माहौल कुछ देर तक बना रहा। सरकार की ओर से भत्ता न दिए जाने के विरोध में कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से बर्हिगमन का ऐलान कर दिया।

कांग्रेस के वॉकआउट करते ही सदन में जवाबी नारेबाजी भी शुरू हो गई। एक ओर जहाँ कांग्रेस के सदस्य बेरोज़गारों को भत्ता देने की मांग कर रहे थे, वहीं सत्ता पक्ष के सदस्य पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बेरोज़गारों को ठगने के आरोपों पर जवाबी नारे लगा रहे थे। इस तरह शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन बेरोज़गारी भत्ता और सियासी आरोप-प्रत्यारोप के नाम रहा।

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