धर्मांतरण विवाद: रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के कुकुरबेड़ा इलाके में रविवार को धर्मांतरण के आरोप पर जमकर हंगामा हुआ। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक विशेष समुदाय के लोग एक घर में प्रार्थना सभा कर रहे हैं और कथित तौर पर धर्मांतरण गतिविधियों में लिप्त हैं। मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों में विवाद और झूमा-झटकी हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और विशेष समुदाय के आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया।

पुलिस जब आरोपियों को सिविल लाइन थाने लेकर पहुंची, तो बजरंग दल के कार्यकर्ता सरस्वती नगर थाने में एकत्र होकर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। इसी दौरान, थाना परिसर में तीन युवकों की पिटाई भी कर दी गई, जिन्हें पुलिस ने बचाया। मोहल्लेवालों का आरोप है कि इस घर में लंबे समय से धर्मांतरण की गतिविधियां चल रही थीं और कई बार शिकायत के बावजूद कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से मिली शिकायतों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
वहीं दूसरा मामला राजिम का
राजिम में राज्यपाल रमेन डेका के गोद ग्राम बिजली समेत फिंगेश्वर विकासखंड के कई क्षेत्रों में “चमत्कारिक इलाज” के नाम पर धर्मांतरण कराने के आरोप सामने आए हैं। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने रविवार को बिजली और बेलटुकरी में हो रही चंगाई सभाओं का घेराव किया और आयोजकों से पूछताछ की। आयोजकों ने स्वीकार किया कि वे बिना सरकारी अनुमति के अपनी मर्जी से प्रार्थना सभाएं चला रहे हैं, जिनमें गरीब, पिछड़े वर्ग के लोग और कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल होते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन सभाओं में पहले बीमारियों के ठीक होने का दावा किया जाता है, फिर धीरे-धीरे हिंदू देवी-देवताओं की शक्ति पर सवाल उठाकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाला जाता है।

परिषद के जिला अध्यक्ष प्रकाश निर्मलकर और संयोजक मोहित साहू ने चेतावनी दी कि अगर पैसों के लालच और कथित जादुई शक्तियों का हवाला देकर हिंदुओं का धर्मांतरण नहीं रोका गया, तो जिलेभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी तरह की एक सभा में तीन महीने पहले ग्राम सुरसाबांधा में इलाज के दौरान एक युवती की मौत भी हो चुकी है। परिषद ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बिजली, बेलटुकरी और सुरसाबांधा में तुरंत कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे।

