रायपुर, 9 अप्रैल – मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए हनुमान सेवा दल ने राम नवमी के पावन अवसर पर जयस्तंभ चौक में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के बीच रामरक्षा स्त्रोत की 3051 पुस्तकें वितरित की गईं।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल धार्मिक भावना का पोषण नहीं, बल्कि समाज में धर्म, संयम, करूणा और सांस्कृतिक चेतना का संचार करना था। श्रीराम के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि कैसे कठिन से कठिन परिस्थिति में भी धैर्य और सत्य के मार्ग पर चलते हुए न्याय और करूणा की भावना को बनाए रखा जा सकता है।
हनुमान सेवा दल के अध्यक्ष पंकज मिश्रा ने इस अवसर पर कहा, “सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति अत्यंत समृद्ध हैं। हमारा प्रयास है कि आज की पीढ़ी को इसके मूल तत्वों से जोड़ा जाए। रामरक्षा स्त्रोत आत्मिक शांति और संकट से मुक्ति का माध्यम है, और हम चाहते हैं कि हर घर में इसका पाठ हो।”
इस आयोजन में सेवा दल के कई सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्य रूप से पंकज मिश्रा, प्रशांत दुबे, रोमी वोरा, अमित शर्मा, हेमंत पाल, कुणाल दूबे, हेमंत पटेल, अमित दीवान, ऋत्विक खेतान, संस्कार पांडे, जितेंद्र यादव, विनायक तिवारी, विकास जुसेजा, संतोष राव, सचिन पांडे, गोपी जाल, विकेश देवांगन, संजू ठाकुर, प्रदीप पांडे, सुमित खंडेलवाल समेत अन्य कार्यकर्ता इस सेवा कार्य में सक्रिय रूप से शामिल रहे।
हनुमान सेवा दल का संकल्प है कि भारतीय संस्कृति की पताका देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में फहराई जाए। राम नवमी पर यह आयोजन केवल एक पुस्तक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन का प्रतीक है, जो लोगों को अपने धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

