नई दिल्ली, सितंबर 2025: भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी सिंपल एनर्जी ने देश की पहली HRE-फ्री (Heavy Rare Earth-free) मोटर का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। अब EV मोटर्स के लिए चीन से आने वाले HRE मैग्नेट्स पर निर्भरता खत्म हो गई है।
क्यों जरूरी था यह कदम?
अब तक इलेक्ट्रिक व्हीकल मोटर्स में HRE मैग्नेट्स का इस्तेमाल होता था, क्योंकि ये अधिक पावर और कॉम्पैक्ट डिजाइन देने में मदद करते थे। लेकिन अप्रैल 2025 में चीन ने इन मैग्नेट्स के एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी, जिससे दुनिया की ऑटो कंपनियों को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
सिंपल एनर्जी की इन-हाउस टेक्नोलॉजी
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कंपनी ने पूरी तरह लोकल मोटर तैयार की है।
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इसमें खास कंपाउंड्स का इस्तेमाल किया गया है, जो HRE मैग्नेट्स की जगह ले रहे हैं।
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मोटर की हीट और टॉर्क मैनेजमेंट के लिए सिंपल एनर्जी ने खुद के एल्गोरिदम डेवलप किए हैं।
CEO का बयान
कंपनी के CEO सुहास राजकुमार ने कहा,
“भविष्य की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इम्पोर्ट्स पर निर्भर नहीं रह सकती। मेक इन इंडिया और लोकलाइजेशन अब समय की मांग है। हमारी सप्लाई चेन का 95% हिस्सा हम पहले से लोकली मैनेज कर रहे हैं।”
कंपनी का सफर
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2019 में शुरू हुई सिंपल एनर्जी का हेडक्वार्टर बेंगलुरु और प्लांट होसुर (तमिलनाडु) में है।
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कंपनी के पास 2 लाख वर्ग फीट का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है।
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फिलहाल कंपनी Simple ONE Gen 1.5 (248 km) और Simple OneS (181 km) जैसे ई-स्कूटर्स बेच रही है।
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अब तक कंपनी ने $41 मिलियन फंडिंग जुटाई है।
भविष्य की योजना
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देशभर में 150 नए शोरूम और 200 सर्विस सेंटर खोलने की तैयारी।
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2026-27 में $350 मिलियन का IPO लाने की योजना।
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प्रोडक्ट डेवलपमेंट और बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
सिंपल एनर्जी का यह कदम न केवल चीन पर निर्भरता कम करेगा, बल्कि भारत को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

