Jashpur Fake Police Fraud : जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक ऐसा ‘फर्जी सिपाही’ पकड़ा गया है, जिसने पुलिस की वर्दी को ही अपनी ठगी का हथियार बना लिया था। कलेक्ट्रेट परिसर में बेखौफ होकर पुलिस जवान बनकर घूमने वाले इस शख्स ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये डकार लिए। जशपुर पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल जालसाज को बिलासपुर से धर दबोचा है।
पकड़ा गया आरोपी पुन्नी लाल अनंत (27 वर्ष) मूल रूप से बिलासपुर के कोटा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह जशपुर में किराए के मकान में रहकर खुद को ‘छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल’ (CAF) का जवान बताता था। ठगी को असली रंग देने के लिए वह पुलिस की वर्दी पहनता और कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील इलाकों में घूमता था, ताकि लोग उस पर भरोसा कर सकें।
मत्स्य विभाग में ‘सेटिंग’ के नाम पर वसूले 2 लाख
इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित महिला ने सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना अगस्त 2025 की है, जब आरोपी ने प्रार्थिया को झांसा दिया कि उसकी बड़े अधिकारियों तक पैठ है। उसने मत्स्य विभाग में नौकरी लगवाने के बदले 4 लाख रुपये की डील की। पुलिस की वर्दी देखकर महिला जाल में फंस गई और उसने 2 लाख रुपये एडवांस दे दिए। शातिर आरोपी यहीं नहीं रुका; उसने महिला की भतीजी को भी ‘डाटा एंट्री ऑपरेटर’ बनाने का सपना दिखाया और उसके सारे ओरिजिनल दस्तावेज अपने पास रख लिए।
तकनीकी जाल में फंसा ‘फर्जी सिपाही’
जब महिला को अहसास हुआ कि पुन्नी लाल कोई पुलिसकर्मी नहीं बल्कि एक ठग है, तब मामला पुलिस तक पहुँचा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस की एक स्पेशल टीम गठित की गई। आरोपी अपराध दर्ज होते ही फरार हो गया था, लेकिन पुलिस की टेक्निकल टीम और मुखबिरों ने उसके ठिकाने का पता लगा लिया। घेराबंदी कर उसे बिलासपुर के ग्राम टाडा दर्रीकापा से गिरफ्तार किया गया।
जब्त हुए दस्तावेज और अब जेल की सलाखें
पुलिस ने आरोपी के पास से पीड़ितों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह फर्जी जवान बनकर लोगों को ठगता था। पुलिस ने उस पर बीएनएस (BNS) की धारा 318(2) और 318(4) के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

