Korba News : बिलासपुर/कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन (ALARSA) के आह्वान पर, बिलासपुर मंडल के कोरबा रेल खंड में कार्यरत रनिंग स्टाफ—लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर (गार्ड)—48 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
Korba News : यह भूख हड़ताल मंगलवार सुबह शुरू हुई थी और गुरुवार तक जारी रहेगी। इसके बाद कर्मचारी हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लेंगे।
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क्यों हो रही है यह भूख हड़ताल?
रनिंग स्टाफ की मुख्य मांगें उनके वेतन और भत्तों से जुड़ी हैं, जिनके लाभ से वे खुद को वंचित महसूस कर रहे हैं:
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70% आयकर छूट: लंबित माइलेज भत्ता (Mileage Allowance) पर दी जाने वाली 70% इनकम टैक्स छूट को बहाल करना।
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माइलेज भत्ता बढ़ोतरी: लंबित माइलेज भत्ते में बढ़ोतरी करना।
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DA बढ़ोतरी का लाभ: कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने 2024 में महंगाई भत्ता (DA) 50% तक बढ़ाया है और यात्रा भत्ता समेत अन्य भत्तों में भी 25% तक की बढ़ोतरी की है। लेकिन रेलवे रनिंग कर्मचारियों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे उनमें गहरा असंतोष है।
ड्यूटी जारी, पर भूखे पेट विरोध
एसोसिएशन के कोरबा मीडिया प्रभारी, यादवेश यादव ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रनिंग कर्मचारियों ने हड़ताल अवधि में भी अपनी ड्यूटी (रेल परिचालन का कार्य) जारी रखी। ड्यूटी पूरी करने के बाद वे वापस कोरबा रेलवे स्टेशन के क्रू-लॉबी के बाहर बने हड़ताल स्थल पर लौट आए।
एसईसीआर बिलासपुर मंडल के कोरबा रेल खंड में लगभग 495 लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और 95 से अधिक ट्रेन मैनेजर कार्यरत हैं, जो अपनी मांगों की ओर रेल प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए भूखे रहकर काम कर रहे हैं।

