Mahtari Vandan Yojana : रायपुर/मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की 22वीं किश्त 03 दिसंबर 2025 को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बटन दबाकर जारी की गई। इस किश्त के तहत 67,71,012 (या $67,86,336$ – आपके इनपुट में दिए गए दोनों आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए यहाँ $67,71,012$ को मुख्य माना गया है, और अंतिम संख्या $67,86,336$ को तुलना के लिए रखा गया है) हितग्राहियों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की गई। हालांकि, योजना के लाभार्थियों की संख्या में आई भारी कमी ने अब एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
Mahtari Vandan Yojana : योजना की शुरुआत में, 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली किस्त 70,12,417 महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की थी। 22वीं किस्त जारी होने तक, यह संख्या घटकर 67,86,336 (आपके इनपुट में दी गई अंतिम संख्या) रह गई है। इस दौरान, नियद नेल्ला नार क्षेत्र की 7,662 नई महिलाओं को भी हितग्राही बनाया गया है। इन आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि 22 महीनों की अवधि में, पहली किस्त के मुकाबले 2,41,405 से अधिक लाभार्थियों के नाम योजना की सूची से हटा दिए गए हैं। इस भारी संख्या में नाम हटाए जाने (छंटनी) पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार ने अपात्रता के आधार पर बड़े पैमाने पर छंटनी की है, जिसका स्पष्टीकरण सरकार को देना होगा।
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सीएम साय: पारदर्शिता और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता
किस्त जारी करने के अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना को “माताओं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण” बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं राज्य की उन्नति की आधारशिला हैं और उनका सशक्त होना प्रदेश की अनिवार्य शर्त है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिमाह सीधे बैंक खातों में राशि अंतरित होने से परिवारों की पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र माता इस सहायता से वंचित न रहे तथा पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे।

