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पटवारी की छवि पर फिर लगा दाग, विधायक तक पहुंचा मामला

खैरागढ़, छत्तीसगढ़: खैरागढ़ जिले में पटवारियों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक दिन पहले ही जिला पटवारी संघ अध्यक्ष धर्मेंद्र कांडे को ₹9,000 की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, और अब एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गंडई तहसील के एक गरीब किसान ने पटवारी और उसके सहायक पर रिश्वत मांगने और उसके जरूरी दस्तावेज फाड़ने का आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम बागर गंडई के रहने वाले भगवती साहू नामक किसान ने आरोप लगाया है कि अपने माता-पिता के निधन के बाद वह अपनी पुश्तैनी जमीन और घर पर नाम दर्ज कराने के लिए पटवारी होमलाल धुर्वे के पास महीनों से चक्कर लगा रहा था। साहू ने बताया कि उसने 8 अगस्त को ही आवेदन जमा कर दिया था, लेकिन उसके बाद भी उसका काम रुका हुआ है।

किसान का आरोप है कि जब वह पटवारी के दफ्तर पहुँचा तो पटवारी के सहायक आशीष ने उसके दस्तावेज फाड़ दिए और यह साफ कह दिया कि बिना पैसे के कोई हस्ताक्षर नहीं होंगे। पेंटिंग का काम करके मुश्किल से ₹250 प्रतिदिन कमाने वाले भगवती साहू ने बताया कि वह इस काम के लिए अब तक ₹5,000 से ₹6,000 खर्च कर चुका है, लेकिन उसे सिर्फ अपमान और रिश्वतखोरी का सामना करना पड़ा।

विधायक के पास पहुंचा मामला, वीडियो हुआ वायरल

अपनी व्यथा से तंग आकर भगवती साहू ने विधायक यशोदा वर्मा से मुलाकात की और अपनी आपबीती सुनाई। इस दौरान रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो विधायक के मीडिया ग्रुप में डाला गया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में किसान सीधे तौर पर आरोप लगा रहा है कि पटवारी और उसका सहायक पैसे लिए बिना कोई काम नहीं करते।

पटवारी ने आरोपों को नकारा

दूसरी ओर, पटवारी होमलाल धुर्वे ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसान के दादा और पिता की मृत्यु के बाद ‘फौती’ (उत्तराधिकार) की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। उनका दावा है कि जब तक तहसील कार्यालय से ज्ञापन नहीं आता, तब तक वह कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। धुर्वे ने दस्तावेज फाड़ने और रिश्वत मांगने के आरोपों को सरासर झूठ बताया है।

यह घटना एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार और आम जनता को होने वाली परेशानियों को उजागर करती है। यह सवाल खड़ा करती है कि जब सरकारी कर्मचारी ही ईमानदारी और नियमों का पालन नहीं करते, तो जनता को न्याय कहाँ मिलेगा।

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